नई दिल्ली. गूगल अक्सर प्रसिद्ध या समाज में विशेष पहचान के लोगों के जन्मदिन पर या उनकी पुण्यतिथि पर विशेष डूडल बनाता है. इसी दिशा में गूगल के डूडल के जरिए भारत की पहली बैरिस्टर कार्नेलिया सोराबजी का 151वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहा है. कार्नेलिया सोराबजी का जन्म महाराष्ट्र के नासिक में हुआ था. कार्नेलिया लंदन में लॉ का अध्ययन करने वाली पहली महिला थीं जिन्होंने वकालत के साथ साथ समाज सुधारिका की भूमिका निभाई थी. बहुमुखी प्रतिभाशाली कार्नेलिया सोराबजी एक राइटर भी थीं.

कार्नेलिया सोराबजी का जन्म 1866 में हुआ था. उन्होंने बॉम्बे विश्वविद्यालय से ग्रेजुशन करने के बाद वो 1892 में विदेश चली गयी थीं. अपनी पढ़ाई करने के बाद जब सोराबजी स्वदेश लौटी तब उन्होंने महिलाओं के हक में आवाज में उठानी शुरू की. आजादी से पहले महिलाओं की स्थिति बेहतर नहीं थी जिसे मुद्दा बनाकर सोराबजी ने लोगों को जागरुक किया. और महिलाओं को पढ़ने के लिए प्रेरित किया. सोराबाजी ने महिलाओं को वकालत करने का अधिकार दिया जाए इसके लिए लंबी लड़ाई लड़ी. उनकी बदौलत 1907 में महिलाओं को वकालत करने का मौका मिला. सोराबजी को बिहार, असम, बंगाल और ओडिशा की अदालतों में सहायक महिला वकील का पद सौंपा गया.

सोराबजी ने सामाजिक कार्यों में योगदान देने के साथ लेखन में भी रुचि दिखाई. उन्होंने वकालत के साथ कई किताबें भी लिखी. सोराबजी ने कई पुस्तकें, लुघकथाएं और रचनाएं लिखी जो आज भी चर्चित हैं. इसके अलावा उन्होंने दो आत्मथाएं इंडिआ कॉलिंग और इंडिया रिकॉल्ड लिखा.

कार्नेलिया सोराबजी ने हासिल की ये उपलब्धियां
1. पहली महिला जिसने लंदन में लॉ की पढ़ाई की.
2. बॉम्बे में ग्रेजुएट होने वाली युवती
3. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई करने वाली पहली महिला
4. ब्रिटिश यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाली पहली महिला
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