नई दिल्लीः शेविंग क्रीम और रेजर बनाने वाली कंपनी जिलेट के एक हालिया एड पर विवाद गहरा गया है. दरअसल, इस ऐड के जरिये महिलाओं पर पुरुषों द्वारा की गई छीटाकशी, उनके साथ छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न की घटनाओं का जिक्र करते पुरुषों को सभ्य बनने की सलाह दी गई है. साथ ही सभ्य पुरुषों का उदाहरण दिखाते हुए बताया गया है कि सभ्य पुरुष बेहतर समाज का निर्माण कर रहे हैं. जहां कुछ लोग इस ऐड की काफी तारीफें कर रहे हैं, वहीं इसकी आलोचना करने वाले भी कम नहीं हैं. दरअसल, कुछ लोग जिलेट के इस विज्ञापन को पुरुष विरोधी बता रहे हैं और तर्क दे रहे हैं कि सभी मर्द तो ऐसे नहीं हैं, फिर जिलेट ने इस एड में पुरुषों को टारगेट क्यों किया है. वहीं कुछ लोग इसे ऐंटी वाइट मेल प्रोपेगैंडा बता रहे हैं.

मालूम हो कि महिलाओं के यौन उत्पीड़न के खिलाफ हॉलीवु़ड से शुरू होने वाले #MeToo कैंपेन का असर दुनियाभर में देखने को मिल रहा है. महिलाएं अपने साथ यौन उत्पीड़न की घटनाओं के बारे में खुलकर बोलने लगी हैं, जिसके बाद आए दिन कई चर्चित लोगों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लग रहे हैं. इसी कैंपेन के सपोर्ट में ब्रिटेन की कंपनी जिलेट ने 2 मिनट की एक ऐड फिल्म बनाई है. जिलेट ने अपने स्लोगन ‘द बेस्ट अ मैन कैन गेट’ को ‘द बेस्ट मैन कैन बी’ से बदल दिया है.

मालूम हो कि जिलेट के इस ऐड को यूट्यूब पर 19 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा है और जिलेट के ट्विटर हैंडल पर करीब 3 करोड़ लोग इस एड को देख चुके हैं. इन सबके बीच सबसे दिलटस्प यह है कि यूट्यूब पर करीब 10 लाख लोगों ने इस ऐड को डिस्लाइक यानी पसंद नहीं किया है. वहीं 5 लाख लोगों ने इसे लाइक किया है. सोशल मीडिया पर इस ऐड को पुरुष विरोधी बताते हुए इसके खिलाफ कैंपेन चल रहे हैं और बहुत से लोगों ने जिलेट के प्रोडक्ट्स के बहिष्कार की बात कही है. ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा है कि मैं लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे जिलेट का प्रॉडक्ट न खरीदें, क्योंकि यह ऐंटी वाइट मेल प्रोपेगैंडा है जिसे रोकने की जरूरत है.

इस ऐड की शुरुआत में #MeToo और महिलाओं के यौन उत्पीड़न से जुड़ी सांकेतिक आवाज आती है. इस दौरान कई पुरुषों के अलग-अलग एक्सप्रेशंस दिखते हैं. इसके बाद सीन शुरु होता है और कुछ टीनएजर्स भाग रहे हैं. इस दौरान एक बच्चा अपनी मां के सीने से लगकर रो रहा है. इसके बाद टीवी पर एक कार्टुन में कुछ युवक एक महिला का मजाक उड़ाते दिख रहे हैं. इसके बाद एक शख्स किचेन में काम कर रही महिला को दबोचने की कोशिश करता है. उसके बाद एक बॉस अपनी महिला कर्मचारी के कंधे पर हाथ रखता है, जिससे महिला असहज हो जाती है.

फिर शुरू होता है ऐड का दुसरा हिस्सा, जिसमें सभ्य पुरुषों की बात होती है. इसमें एक पुरुष को सामने से गुजर रही महिला पर अभद्र टिप्पणी करने से रोकते एक शख्स को दिखाया गया है. इसके बाद एक पिता अपनी बेटी को स्ट्रॉंन्ग बनाने की बात कहता दिख रहा है. इसके बाद एक युवक दो झगड़ रहे बच्चों को छुड़ाता दिखता है और ऐसे ही एक युवक ब्लैक और वाइट के बीच नस्लभेदी घटना को रोकने की कोशिश करता दिखता है. उल्लेखनीय है कि जिलेट 118 साल पुरानी कंपनी है और कई मौकों पर इसके विज्ञापनों को अवॉर्ड भी मिल चुके हैं. यहां बताना जरूरी है जिलेट से पहले भी कई कंपनियों ने पुरुषों को टारगेट करते हुए विज्ञापन बनाए हैं, जिन्हें पुरुष विरोधी बताते हुए काफी आलोचना हुई है. इनमें लिंक्स नामक कंपनी का विज्ञापन प्रमुख है.

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