नई दिल्ली: जहां एक तरफ राजनीति नोटबंदी, राफेल डील और एनपीए के मामले पर गरम है वहीं अप्रैल-जून तिमाही की जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद बढ़कर 8.2% पर आ गया है. नरेंद्र मोदी सरकार के लिए खुशखबरी है कि आर्थिक विकास दर में जबरदस्त उछाल आया है. बता दें देश की आर्थिक विकास दर 2017 की आखिरी तिमाही यानी जनवरी-मार्च में 7.7 फीसदी रही थी. जिसने 5.59 फीसदी की बढ़ोत्तरी के साथ तेजी पकड़ी है.

सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार भारत की पहली तिमाही की ग्रोस वेल्यू एडेड ग्रोथ रेट 8 फीसदी तक रही. बता दें जीवीए और जीडीपी में अंतर होता है. नोटबंदी के समय जीडीपी में बड़ी गिरवाट देखी गई थी लेकिन वही इस तिमाही की इकनॉमी रेट में जबरदस्त उछाल देखाई दे रहा है. इससे पहले मूडीज ने 23 अगस्त को जारी किए आंकड़ों में अनुमान लगाया था कि भारत की आर्थिक विकास दर 7.5 फीसदी तक रह सकती है.

मूडीज ने तेल की ऊंची कीमतों और रुपये की गिरती कीमतों को देखते हुए कहा था कि भारत को इन सबसे उबरना काफी मुश्किल होगा. वहीं आरबीआई ने 2017 की वार्षिक रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष के लिए विकास दर का अनुसार 7.4 फीसदी बताया था. बता दें कि जीडीपी का अर्थ होता है कि किसी देश में उपभोक्ताओं और मांग के नजरिए उसकी तस्वीर क्या है. वहीं जीवीए का मतलब है कि किसी देश में उत्पादक और आपूर्ति के नजरिए से आर्थिक चाल क्या है.

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