नई दिल्ली. देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को एक बयान दिया कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी इसलिए आई क्योंकि मिलिनियल (आगे समझाएंगे) अब कार खरीदने के बजाए ओला और उबर का इस्तेमाल कर रहे हैं. दरअसल देश में इस वक्त कई सेक्टर्स मंदी के शिकार हैं लेकिन ऑटोमोबाइल सेक्टर की हालत ज्यादा खस्ता है. ऐसे में वित्त मंत्री के इस बयान पर कमाल की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. सोशल मीडिया पर #BoycottMillennials ट्रेंड कर रहा है. सोशल मीडिया वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस बयान पर जमकर मौज ले रहा है. वहीं कांग्रेस भी ट्विटर पर #BharatiyaJokeParty ट्रेंड के जरिए नरेंद्र मोदी सरकार और वित्त मंत्री को ट्रोल कर रही है. 

दरअसल निर्मला सीतारमण का यह बयान एक तरह से मंदी के लिए मिलिनियल यानी 1990 से 2001 के बीच पैदा हुए लोगों को जिम्मेदार ठहराया. उनका कहना था कि लोगों की बदलती आदतों की वजह से ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी आई है. मिलिनियल्स ने अपने ऊपर हुए इस आक्रमण का बड़े क्रियेटिव तरीके से जवाब दिया है. सोशल मीडिया पर #BoycottMillennials के तहत एक से बढ़कर एक मीम्स बन रहे हैं.  

जो नहीं जानते उनके लिए, मिलिनियल्स की परिभाषा

ऑटो सेक्टर में मंदी की वजह मिलिनियल्स का साइकिल चलाना तो नहीं!

एक यूजर ने बताया कि टेक्सटाइल सेक्टर में क्यों नहीं आई मंदी

सल्लू भाई के साइकिल पर आने से सड़क पर घट गए एक्सीडेंट?

नेता जी ने कम से कम एक इंडस्ट्री को तो मंदी से बचा लिया!

मिलिनियल्स रोज नहीं नहाते इसलिए आई मंदी!

कांग्रेस का निर्मला सीतारमन पर वार-

लीजिए मंदी का सॉल्यूशन भी मिल गया!

क्या आने वाला है ऑक्सीजन क्राइसिस?

मिलिनियल्स के लिव इन रिलेशनशिप की वजह से आई रियल एस्टेट सेक्टर में मंदी!

क्या वाकई ओला उबर से चलने की वजह से ऑटो सेक्टर में आई मंदी?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पास इस बात का जवाब नहीं है कि देश में मंदी क्यों आई तो उन्हें चुप रहना चाहिए बजाए कि कोई ऐसी बात कह देना जिस पर उनकी जगहंसाई ही हो. अगर आंकड़ों की बात करें तो ऐसा नहीं है कि ऑटोमोबाइल सेक्टर का समूचा ग्राहक वर्ग ओला और उबर जैसी कैब सर्विस यूज करने लगा है. ओला और उबर के बिजनेस में मात्र 3 से 4 फीसदी की बढ़त है जबकि ऑटोमोबाइल सेक्टर कहीं बड़ी मंदी का शिकार है.

दरअसल सररकार ने पहले नोटबंदी उसके बाद जटिल जीएसटी लागू करते वक्त जनता को विश्वास में नहीं लिया. ये फैसले जनता पर थोपे गए. इसका परिणाम देश की आर्थिक सेहत को भुगतना पड़ा है. अब यह खुला सच है कि नोटबंदी जिस भी वजह से की गई थी वो फेल रही. जीएसटी अभी भी बदलाव के दौर से गुजर रही है. ऐसे में एक पूरी जेनरेशन पर आरोप लगाने से पहले वित्त मंत्री को सोचना चाहिए था कि उनकी बात देश गंभीरता से लेता है. अगर वो इस तरह की टिप्पणी करेंगी तो सोशल मीडिया यूं ही मौज लेता रहेगा. 

Nirmala Sitharaman on Auto Slowdown: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमीरों पर फोड़ा ऑटो सेक्टर में आई मंदी का ठीकरा, कहा- गाड़ी खरीदने की बजाय ओला-ऊबर या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का कर रहे हैं इस्तेमाल

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