नई दिल्ली, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया कि राजधानी को जल्द ही स्टार्टअप हब बनाने की ओर कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि दिल्ली कैबिनेट ने दिल्ली स्टार्टअप नीति पारित की गई है, जिसके तहत सरकार अब राजधानी में स्टार्ट अप के लिए सहयोग करेगी. इसके साथ ही, केजरीवाल ने एक और ऐलान किया कि अब दिल्ली में सभी को मुफ्त बिजली नहीं मिलेगी. उन्होंने कहा कि जो भी शख्स बिजली पर सब्सिडी लेना चाहें उन्हें सब्सिडी मिलेगी लेकिन, जो अपनी स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ता है उसे सब्सिडी नहीं मिलेगी.

केजरीवाल का नया “मोदी मॉडल”

गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर बड़ा ऐलान कर दिया है. उन्होंने कहा कि अब दिल्ली में सभी को मुफ्त बिजली नहीं दी जाएगी. यानि, जो भी शख्स बिजली पर सब्सिडी लेना चाहें उन्हें सब्सिडी मिलेगी लेकिन, जो अपनी स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ता है उसे सब्सिडी नहीं मिलेगी. मतलब अब यह मुफ्त बिजली की व्यवस्था वैकल्पिक तौर पर मिलेगी. सीएम ने कहा कि जो भी सक्षम लोग सब्सिडी छोड़ना चाहते हैं, वो आगामी एक अक्टूबर से बिजली का पूरा बिल जमा कर सकते हैं.
इसके साथ ही, केजरीवाल ने यह भी बताया कि अब राजधानी को स्टार्ट अप हब में तब्दील करने की दिशा में काम किया जाएगा. वहीं स्टार्ट अप के लिए लोगों को प्रोत्साहित करते हुए कोलेटरल और ब्याज मुक्त लोन भी दिया जाएगा. इसके साथ ही स्टार्टअप्स को मुफ्त कानूनी और वित्तीय सलाह भी दी जाएगी.

गौरतलब है, साल 2015 में पीएम मोदी ने समाज के संपन्न तबकों से स्वेच्छा के साथ एलपीजी सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी. उस दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि संपन्न लोगों के सब्सिडी छोड़ने से सरकार को और अधिक गरीबों तक फायदा पहुंचाने में मदद मिलेगी. जिसके बाद, लगभग एक करोड़ लोगों ने अपनी सब्सिडी छोड़ दी थी. अब सीएम केजरीवाल के वैकल्पिक बिजली व्यवस्था को पीएम मोदी के इस ऐलान से जोड़कर देखा जा रहा है.

 

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