भुवनेश्वर, देश के तटीय इलाकों में अक्सर चक्रवाती तूफान का खतरा मंडराता रहता है, ऐसे में मौसम विभाग के पूर्वानुमान की मानें तो देश के पूर्वी राज्य ओडिशा में आने वाले तीन दिनों में चक्रवात के आने की आशंका है. वहीं इस चक्रवात से निपटने के लिए प्रदेश के 18 जिलों में यलो अलर्ट जारी करते हुए इससे निपटने के लिए खास तैयारियां की गई हैं. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक अगले हफ्ते की शुरुआत में ये तूफान ओडिशा के समुद्री तटों से टकराने वाला है.

राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीमें तैनात

दक्षिण अंडमान सागर पर बन रहे निम्न दबाव के क्षेत्र के चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है, जिसके बाद इस चक्रवात की तीव्रता के बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है. बताया जा रहा है कि दक्षिण अंडमान सागर और उसके नजदीक दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में मौसम प्रणाली के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने से ये चक्रवात आ सकता है. इस चक्रवाती तूफ़ान से निपटने के लिए एनडीआरएफ की 17 और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल की 20 टीमों को तैनात किया गया है.

“फानी”, “अम्फान” के बाद “असानी” का खतरा

मौसम विभाग के मुताबिक इस चक्रवात की वजह से अगले हफ्ते मंगलवार से शुक्रवार के बीच पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में गरज के साथ छीटें पड़ने और भारी बारिश होने की संभावनाएं हैं. बता दें कि इस समुद्री क्षेत्र में पिछली तीन गर्मियों से लगातार चक्रवाती तूफ़ान आ रहे हैं, ऐसे में समय रहते ही चक्रवात की चेतावनी जारी कर कम नुकसान की उम्मीद जताई जा रही है. इससे पहले ओडिशा में 2021 में ‘यास’, 2020 में ‘अम्फान’ और 2019 में ‘फानी’ तूफ़ान आया था, फानी ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भीषण तबाही मचाई थी.

इस सिलसिले में मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि निम्न दबाव के क्षेत्र के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में दबाव के क्षेत्र में बदलने तथा पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है. ये चक्रवात 10 मई तक ओडिशा में आ सकता है.

 

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