बुलंदशहर. हाल ही में लखनऊ में हुए विवेक तिवारी हत्याकांड के बाद से दागदार हुई उत्तर प्रदेश का असली चेहरा एक बार और सामने आया है. दरअसल यूपी के 12 पुलिसकर्मीयों के खिलाफ दिनदहाड़े डकैती का केस दर्ज हुआ है. उनपर आरोप है कि बीते 8 सितंबर को इन लोगों ने खुर्जा के एक घर में घुस्कर 84 हजार रुपये की रकम और दो बाइक लूट लीं और घर में रहने वाले युवक मोहम्मद मुस्तकीम को भी उठा कर ले गए. इसके बाद पुलिस ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर उसे एक अन्य लड़के के साथ लुटेरा घोषित कर दिया और रात में दबोचने का दावा किया. यहां तक कि पुलिसवालों ने पत्रकारों के सामने आरोपी बनाए गए युवक के पास से दो देसी तमंचे, डेढ़ किलो ड्रग और 20 हजार रुपये बरामद किए जाने की बात कही है.

इस सब के बाद जब यूवक को परिजनों ने कोर्ट में जाकर पुलिस वालों की गुंडगर्दी की सीसीटीवी फुटेज पेश किया तो कोर्ट ने 5 दरोगा समेत 12 पुलिस वालों के खिलाफ मामला कायम करने के आदेश दिए. परिजनों द्वारा दायर याचिका में जबर सिंह, धर्मेंद्र शर्मा, शिवप्रकाश, संदीप और विपिन कुमार दरोगा का नाम शामिल है. 

बता दें कि इससे पहले बीते 29 सितंबर को यूपी पुलिस के कॉन्सटेबल प्रशांत चौधरी द्वारा विवेक तिवारी नाम के एक शख्स की हत्या का मामला सामने आया था जिसके बाद एक बार फिर से यूपी पुलिस द्वारा फर्जी एनकॉउंटर का मुद्दा उठा था.

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