नई दिल्ली: ‘पीओके पाकिस्तान का हिस्सा है, अगर सरकार शांति चाहती है तो उससे बात करे’ इसी विवादित बयान के चलते जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल पार्टी के वरिष्ठ नेता फारुख अब्दुल्ला एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. ये विवादित बयान केंद्र सरकार की ओर से नियुक्त किए गए अधिकृत वार्ताकार दिनेश शर्मा से बातचीत के दौरान फारुख अब्दुल्ला ने दिया. अब्दुल्ला ने कहा की जो कश्मीर का जो हिस्सा पाकिस्तान के पास है वो उसका ही है और उसे पाकिस्तान से कोई नहीं छीन सकता और भारत के पास जो कश्मीर का हिस्सा है वो हमारा है. फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि चाहे कितनी भी जंग क्यों ना हो जाए, ये नहीं बदलने वाला. अब्दुल्ला की मांग है कि भारत और पाकिस्तान दोनों को ही अपने अपने कश्मीर की जनता को पूरी स्वायतता देनी चाहिए. फारुख आजादी की मांग करने वालों के लिए कहा की आजादी की मांग करना बेमानी है. कश्मीर चारों तरफ धरती और परमाणु हथियारों से लैस राष्ट्रों से घिरा हुआ है इसलिए आजादी की मांग करना बेमानी है.

केंद्र सरकार के वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा से बातचीत में फारुख ने कहा कि ‘ मैं इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं कर सकता हूं. उन्होने बातचीत की है लेकिन केवल बातचीत समाधान नहीं है. यह मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच का है. भारत सरकार को पाकिस्तान की सरकार के साथ बातचीत करनी चाहिए क्योंकि कश्मीर का एक हिस्सा उनके पास भी है. फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि ‘पाकिस्तान के एक मंत्री ने बिल्कुल ठीक कहा है कि आप उस हिस्से को भूल गए हो जो पाकिस्तान के पास है.’

फारुख ने कहा कि यदि आप अपने हिस्से की बात करते हो तो दूसरे का भी ध्यान रखना चाहिए. हम आपको बता दें कि फारुख अब्दुल्ला पीओके को पाकिस्तान का हिस्सा मानते हैं जबकि इसके उलट भारत सरकार का मानना है कि पाक अधिकृत कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है.

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