नई दिल्ली. Farm laws repeal live updates : देश भर में आज किसानों के लिए बड़ी जीत का दिन किसानों के बीच हर्ष का माहौल है. बीते एक वर्ष से भी अधिक समय से चले आ रहे इस आंदोलन को आज नया रूप मिल गया है. तीनों कृषि कानून मोदी सरकार ने वापस ले लिए हैं. ऐसे में किसान दिल्ली के तमाम बॉर्डर और पूरे देश भर में जश्न मना रहे हैं, एक दुसरे का मुँह मीठा कर रहे हैं साथ ही नाचते गाते देखे जा रहे हैं. अब जब लम्बे समय से चले आ रहे आंदोलन को खात्मा होने को है तो ऐसे में सियासत एक बार फिर से तेज़ हो गई. विपक्ष ने मोदी सरकार को फिर से घेरना शुरू कर दिया है.

कृषि कानूनों की वापसी पर नेताओं ने क्या कहा

कृषि कानूनों की वापसी पर विपक्ष ने मोदी सरकार का घेराव करना शुरू कर दिया है. इस क्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा,

“किसानों के प्रयासों की आखिरकार जीत हुई है. यह अहंकार की हार और किसानों की, गणतंत्र की जीत है. लोग आगामी चुनावों में केंद्र सरकार को माफ नहीं करेंगे. यह झूठी माफी किसी काम नहीं आएगी. जिन्होंने माफी मांगी, उन्हें हमेशा के लिए राजनीति भी छोड़ देनी चाहिए.”

कंगना रनौत ने जताई नाराज़गी

कृषि कानूनों की वापसी पर अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी सरकार पर वार किया है.कंगना ने इस पर पोस्ट कर लिखा,

“दुखद, शर्मनाक, बिल्कुल अनुचित, अगर संसद में चुनी हुई सरकार की जगह सड़कों पर लोगों ने कानून बनाना शुरू कर दिया… तो यह भी एक जिहादी राष्ट्र है. उन सभी को बधाई जो इसे इस तरह चाहते थे.”

पी चिदंबरम ने क्या कहा

कृषि कानूनों की वापसी पर पी चिदंबरम ने भी अपनी प्रतिक्रिया ट्विटर के माध्यम से दी है. उन्होंने लिखा,

” लोकतांत्रिक विरोध से जो हासिल नहीं किया जा सकता, वह आने वाले चुनावों के डर से हासिल किया जा सकता है! तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की प्रधानमंत्री की घोषणा नीति परिवर्तन या हृदय परिवर्तन से प्रेरित नहीं है। यह चुनाव के डर से प्रेरित है!”

गृहमंत्री ने की पीएम मोदी की तारीफ़

तीनों कृषि कानूनों की वापसी के निर्णय पर गृहमंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ की है. उन्होंने लिखा,

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कृषि कानून वापस लेने के ऐलान का स्वागत करता हूँ. उनका कदम एक कुशल राजनेता की पहचान है. केंद्र सरकार किसानों की सेवा करती रहेगी और उनका साथ देती रहेगी.”

प्रियंका गांधी ने कही ये बात

कृषि कानूनों की वापसी पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ट्विटर के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सरकार पर वार करते हुए कहा,

600 से अधिक किसानों की शहादत 350 से अधिक दिन का संघर्ष, @narendramodi जी आपके मंत्री के बेटे ने किसानों को कुचल कर मार डाला, आपको कोई परवाह नहीं थी. आपकी पार्टी के नेताओं ने किसानों का अपमान करते हुए उन्हें आतंकवादी, देशद्रोही, गुंडे, उपद्रवी कहा, आपने खुद आंदोलनजीवी बोला..उनपर लाठियाँ बरसायीं, उन्हें गिरफ़्तार किया. अब चुनाव में हार दिखने लगी तो आपको अचानक इस देश की सच्चाई समझ में आने लगी – कि यह देश किसानों ने बनाया है, यह देश किसानों का है, किसान ही इस देश का सच्चा रखवाला है और कोई सरकार किसानों के हित को कुचलकर इस देश को नहीं चला सकती. आपकी नियत और आपके बदलते हुए रुख़ पर विश्वास करना मुश्किल है.
किसान की सदैव जय होगी.
जय जवान, जय किसान, जय भारत!

राहुल गांधी ने दी मुबारकबाद

राहुल गांधी ने कृषि कानूनों की वापसी पर देशवासियों को मुबारकबाद दी है. उन्होने अपना एक पुराना वीडियो ट्वीट कर लिखा,

“देश के अन्नदाता ने सत्याग्रह से अहंकार का सर झुका दिया। अन्याय के खिलाफ ये जीत मुबारक हो!”

कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने कही ये बात

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने हर पंजाबी की मांग सुनी और गुरु नानक जयंती के पावन पर्व पर तीनों काले कृषि कानूनों को वापस लिया.

राकेश टिकैत ने कहा आंदोलन नहीं होगा वापस

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कानूनों की वापसी पर कहा कि

‘वो अभी कुछ नहीं कहेंगे, आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक तीनों कानून संसद में वापस नहीं लिए जाते.’

यह भी पढ़ें :

Delhi Metro: रविवार को अगर दिल्ली मेट्रो से यात्रा करने वाले हैं तो ज़रूर पढ़ें ये खबर

Peasant Movement Who gave Edge to the Struggle किसान आंदोलन के महारथी जिन्होंने दी संघर्ष को धार

 

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,ट्विटर