नई दिल्ली: 16वीं लोकसभा को भंग हुए तीन महीने हो गए लेकिन पुराने सांसद हैं कि उनसे लुटियंस में मिले बंगले का मोह छूटे नहीं छूट रहा है. बंगला खाली करने को लेकर बार-बार अनुरोध करने पर भी 200 पूर्व सांसदों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है लिहाजा अब हाउसिंग कमेटी ने पूर्व सांसदों से एक हफ्ते की भीतर बंगला खाली करने को कहा है साथ ही साथ विभागों को इन बंगलों से बिजली-पानी और गैस का कनेक्शन तीन दिन में काटने का आदेश दे दिया है. यानी तीन दिन बाद भी अगर किसी पूर्व सांसद ने बंगले का मोह नहीं छोड़ा तो चौथे दिन बंगले में बिजली नहीं जलेगी और वो भूत बंगला जैसा नजर आने लगेगा. मजबूरी में पूर्व सांसदों को बंगला खाली करना ही पड़ेगा.

लोकसभा हाउसिंग कमेटी के चेयरमैन सी आर पाटिल ने सोमवार को इस मुद्दे पर मीटिंग बुलाई जिसके बाद ये बिजली, पानी और गैस कनेक्शन काटने का फैसला लिया गया. दरअसल पिछले दिनों न्यूज एजेंसी पीटीआई ने रिपोर्ट की थी 200 से ज्यादा पूर्व सांसदों ने अभी तक अपने लुटियंस जोन वाले बंगले खाली नहीं किए हैं जिसके बाद आनन फानन में हाउसिंग बोर्ड की बैठक हुई जिसमें ये फैसला किया गया कि एक हफ्ते में सभी पूर्व सांसदों को बंगला खाली करना होगा और तीन दिन बाद उनके बंगले से बिजली, पानी और गैस का कनेक्शन काट दिया जाएगा. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि किसी भी पूर्व सांसद ने ऐसा नहीं कहा है कि वो बंगला खाली नहीं करेंगे. दरअसल ये बंगले साल 2014 में इन सांसदों को उस वक्त मिले थे जब वो लोकसभा चुनाव जीतकर आए थे.

नियम के मुताबिक पिछली लोकसभा भंग होने के एक महीने के भीतर पूर्व सांसद को सरकारी बंगला खाली करना होता है जबकि 16वीं लोकसभा को भंग हुए तीन महीने से ज्यादा का समय हो चुका है. 25 मई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पुरानी लोकसभा को भंग कर दिया था. तब से लेकर अबतक पुराने सांसदों ने बंगला खाली नहीं किया है लिहाजा नए सांसदों को गेस्ट हाउस में रहना पड़ रहा है.

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