नई दिल्लीः पूर्व आईपीएस अधिकारी डीजी वंजारा का कहना है कि बहुचर्चित इशरत जहां केस में पीएम मोदी से भी पूछताछ हुई थी, उस समय वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे. मामले को लेकर वंजारा का कहना है कि ‘उस वक्त के सीएम और मौजूदा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भी जांच अधिकारी ने पूछताछ के लिए बुलाया था, हालांकि यह बात रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है’ वंजारा ने ये भी बताया कि ‘जांच टीम, जिसमें आईपीएस अधिकारी सतीश शर्मा भी शामिल थे, का उद्देश्य था कि, मोदी को आरोपी बनाया जाए….और इसीलिए चार्जशीट की पूरी कहानी बनायी गई’.

वंजारा ने कोर्ट को बताया कि इस केस के रिकॉर्ड में जो बाते कही गई है, वे सब झूठी हैं. उन्होंने बताया कि आवेदक के खिलाफ अभियोजन पक्ष के पास कोई सबूत नहीं है. पूर्व आईपीएस के बयान के आधार पर कोर्ट के जज जेके पंड्या ने सीबीआई को नोटिस जारी कर 28 मार्च तक जवाब मांगा है. गौरतलब है कि इशरत जहां केस में अन्य आरोपी पीपी पांडे को 3 हफ्ते पहले ही सही चार्ज से मुक्त किया गया था. वहीं डीजी वंजारा ने भी खुद को आरोपमुक्त करने की अपील की है.

ज्ञात हो कि महाराष्ट्र की एक कॉलेज छात्रा इशरत जहां और जावेद शेख, अमजदाली अकबराली राना, जीशान जौहर को गुजरात पुलिस ने 15 जून, 2004 को अहमदाबाद में हुए एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. पुलिस का दावा था कि चारो का आतंकवादियों से कनेक्शन था और ये लोग नरेंद्र मोदी को मारना चाहते थे. हालांकि बाद में जब गुजरात हाईकोर्ट ने जांच कराई तो यह मामला फर्जी निकला. इसके बाद यह केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया. बता दें कि साल 2016 में अमेरिका की जेल में बंद आतंकी डेविड कोलमैन ने खुलासा किया था कि इशरत जहां लश्कर-ए-तैयबा की आत्मघाती हमलावर थी.

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