पणजी. गोवा सरकार ने अपने सभी विभागों, सार्वजनिक उधमों और शैक्षणिक संस्थानों को आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EWS) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का आदेश जारी किया है. मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की अगुवाई में पिछले हफ्ते ही राज्य कैबिनेट की बैठक में सभी सरकारी निकायों में आर्थिक तौर पर पिछड़े वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण दिए जाने का प्रस्ताव पारित हुआ था. ज्ञात हो कि यह आरक्षण पहले से दिए जा रहे आरक्षण से अलग होगा. इसी साल जनवरी में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार आर्थिक तौर पर पिछड़े वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान लाई थी. दोनों सदनों में पारित होने के बाद यह कानून का रूप ले चुका है. आरक्षण की पूर्व निर्धारित कोटे से अलग इस आरक्षण की व्यवस्था की गई है.

गोवा के समाज कल्याण विभाग के निदेशक पराग नागरेचकर ने शुक्रवार को सभी सरकारी विभागों, सार्वजनिक उधमों और स्वायत्त संस्थाओं को आरक्षण के अपने मौजूदा प्रारूप में आर्थिक आधार पर आरक्षण को शामिल करने का आदेश जारी किया था. केंद्र सरकार के फैसले के बाद दिल्ली सहित कई राज्यों में शैक्षणिक संस्थानों में आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू कर दिया गया है.

गोवा राज्य सरकार आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू होने पर जनरल कैटेगरी में लाभार्थियों की संख्या पता करने के लिए सर्वेक्षण कर रही है. संवैधानिक संशोधन के बाद आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने का फैसला इसी साल जनवरी में सदन में पेश हुआ था. दोनों सदनों में पारित होने के बाद यह बिल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास पहुंचा. उनके दस्तखत के बाद अब देश में आरक्षण की यह नई व्यवस्था कानूनी रूप ले चुकी है. नरेंद्र मोदी सरकार का आखिरी फैसला आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण लागू करना था. आरजेडी को छोड़कर लगभग सभी विपक्षी दलों ने इस बिल का समर्थन किया था.

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