नई दिल्ली: दिल्ली की सबसे पुरानी और एतिहासिक जामा मस्जिद के इमाम सैय्यद इमाम बुखारी ने एलान किया है कि 1 अगस्त को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद मनाई जाएगी. इमाम बुखारी ने एलान किया कि आज यानी मंगलवार को चांद नजर नहीं आया लिहाजा बकरीद अब 31 जुलाई नहीं बल्कि 1 अगस्त दिन शनिवार को मनाई जाएगी.

इस बीच कोरोना के चलते बकरों के बाजार नहीं लगे हैं. पशु डॉटकॉम, ओएलएक्स समेत अन्य साइट पर बकरों की खरीद-फरोख्त शुरू हो गई है हालांकि ऑनलाइन बकरों की बिक्री के साथ ऑनलाइन कुर्बानी के हिस्से की बुकिंग भी शुरू हो गई है. हर साल बकरीद से दस दिन पहले बकरा मंडी लग जाती है. इसमें किसान दूर दराज से अपने जानवर बेचने के लिए आते थे जो उनकी कमाई का बड़ा जरिया होता था.

बकरीद पर उत्तर प्रदेश के लखनऊ में लगने वाली बकरा मंडी व मस्जिदों में होने वाली ईद की नमाज को लेकर यूपी सरकार की तरफ से अभी तक कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है. गौरतलब है कि इस साल ईद ऊल फितर की नमाज भी मुसलमानों ने घर पर पढ़ी थी क्योंकि सरकार की तरफ से सख्त हिदायत दी गई थी कि कोरोना के चलते कोई मुसलमान मस्जिद नहीं जाएगा.

वक्त और हालात की नजाकत को देखकर लगता है कि सरकार बकरीद पर भी लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने देगी लिहाजा लोग घर पर ही बकरीद का त्योहार मनाएंगे. आपको बता दें कि ईद-उल-अजहा पर दुनियाभर में मुसलमान कुर्बानी देते हैं. भारत में अमूमन बकरे की कुर्बानी दी जाती है लेकिन बाकी देशों में ऊंट, भेंड और दूसरे जानवरों की भी कुर्बानी दी जाती है.

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