नई दिल्ली. Dusshera 2021 : त्योहारों का मौसम आ गया है, कल पूरा देश दशहरा मनाएगा. दशहरा के पर्व को बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में मनाया जाता है. इस दिन ही भगवान राम ने रावण को हराया था, इसलिए इस दिन को सत्य के विजय के रूप में भी मनाया जाता है. हर साल इस दिन रावण के प्रतीकात्मक पुतले को जलाया जाता है. रावण के पुतले को जलाने का मतलब बुराइयों का नाश करना है.

शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार दशमी तिथि 14 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी. चूंकि दशमी की उदयातिथि 15 अक्टूबर को है. इसलिए दशहरा का पर्व 15 अक्टूबर को मनाया जाएगा. इस बार दशमी तिथि पर श्रवण नक्षत्र में सर्वार्थसिद्धि योग, अभिभीज मुहूर्त और विजयी मुहूर्त का संयोग बन रहा है. इस मुहूर्त में दशहरा की पूजा करना उत्तम माना जाता है. इस मुहूर्त में पूजा करने के कई लाभ हैं.

रावण दहन का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार रावण दहन का शुभ मुहूर्त शाम 07 बजकर 26 मिनट से रात 9 बजकर 22 मिनट तक है.

विशेष पूजा से मिलेंगे यह लाभ

धार्मिक मान्यता है कि इसमें पूजा करने से मां आदिशक्ति की कृपा प्राप्त होती है, इससे जीवन की सारी विषमताएं खत्म हो जाती हैं. जीवन की सभी परेशानियों व कष्टों से मुक्ति मिलती है. दुःख और दरिद्रता का नाश होता है. धर्म के मार्ग पर चलने वालों की हर जगह विजय होती है.

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