नई दिल्ली: बारिश के मौसम में देशभर में डेंगू का प्रकोप शुरू हो जाता है. बारिश के मौसम के बाद जगह-जगह पर पानी जमा होने के कारण डेंगू बुखार सबसे ज्यादा फैलता है. डेंगू फीवर मादा मच्छर एडीज इजिप्टी के काटने से फैलता है. डेंगु बुखार शुरुआत में तो सामान्य बुखार की तरह लगता है, जिसके चलते लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. डेंगू के लक्षण मरीज में 4-5 दिन बाद दिखाई देते हैं. अगर सही समय पर मरीज का इलाज नहीं किया जाए तो डेंगु बुखार मरीज की जान भी ले सकता है. इसलिए जरूरी है सही समय पर डेंगू के लक्षणों को पहचानना. अगर आपको इस मौसम में ज़रा भी बुखार महसूस हो तो उसे नजरअंदाज ना करें वरना आप भी डेंगू की चपेट में आ सकते हैं. इस साल 2019 में देश भर में अब तक डेंगू के 91 मामले सामने आ चुके. इनमें से 22 मामले दिल्ली के है. वहीं बाकी मामले दिल्ली से बाहर के हैं. पिछले साल दिल्ली में डेंगू के 6364 आप मामले सामने आए थे.

बारिश के मौसम में और उसके बाद के महीनों में डेंगू का बुखार सबसे तेज फैलता है क्योंकि यह ऐसा मौसम होता है जिसमें मच्छरों को पनपने के लिए अनुकूल स्थिति मिल जाती है. सिर्फ डेंगु ही नहीं मलेरिया, चिकनगुनिया और जीका वायरस जैसी बीमारियां भी इस मौसम में अपने पैर पसारना शुरू कर देती हैं. डेंगु बीमारी मच्छर के काटने से होती है और डेंगू का मच्छर दिन में ही काटता है. शुरुआत में डेंगु का बुखार एक सामान्य बुखार की तरह लगता है, जिसके कारण लोग घर में ही दवा लेकर बुखार को नजरअंदाज कर देते हैं. इसकी वजह से बुखार की पहचान नहीं हो पाती है और इलाज में देरी के चलते डेंगू जानलेवा साबित हो सकता है.

अगर आपको मौसम बदलने के दौरान ख़ासकर बरसात के समय या उसके बाद तेज़ बुखार, चकत्ते और बदन दर्द होता है, तो डॉक्टर से परामर्श और मेडिकल जांच कराए. डेंगू एक वायरल फीवर है यानी कि अगर एडीज मच्छर ने किसी डेंगू पीड़ित को काट लिया और अगर उसी मच्छर ने किसी और व्यक्ति को काट लिया तो उसके शरीर में भी डेंगू वायरस पहुंच जाता है. डेंगू मच्छर काटने के बाद करीब 4-5 दिनों बाद मरीज में डेंगू के लक्षण दिखना शुरू हो पाते हैं. किसी-किसी केस में यह वक्त 7-10 दिन का भी हो जाता है. अगर सही समय पर डेंगू का इलाज शुरू किया जाए तो उसको ठीक किया जा सकता है वरना मरीज की जान भी जा सकती है. डेंगू बुखार में शरीर में प्लेटलेट्स कम होना शुरू हो जाती हैं, लेकिन शरीर में प्लेटलेट्स की कमी का मतलब सिर्फ डेंगू होना नहीं होता है. 

डेंगू के लक्षण इस प्रकार हैं

  • तेज बुखार- डेंगू का सबसे प्रमुख लक्षण तेज़ बुखार है. डेंगू में 102-103º F तक बुखार आना आम बात है.
  • बदन टूटना- डेंगू में ज़्यादातर शरीर के जोड़ों, मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द होता है.
  • जी मिचलाना- डेंगू में आपको घबराहट महसूस होती है. बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होती और भूख का लगना भी कम हो जाता है.
  • चकत्ते या रैशेस- डेंगू में शरीर पर छोटे लाल चकत्ते हो जाते हैं. इन रैशेस में कभी कभी खुजली भी होती है.
  • आंखों के पिछले हिस्से में दर्द- डेंगू में लोगों को आंख के पीछे दर्द की शिकायत होती, जो आंखों को दबाने और हिलाने से और बढ़ जाता है.

इन उपायों से डेंगू को फैलने से रोकें

  • घर में पानी की टंकी को खुला ना छोड़ें क्योंकि डेंगू का मच्छर ठहरे हुए और गंदे पानी में पनपता है.
  • पक्षियों और पशुओं के पानी के बर्तन में पानी रखा हुआ ना छोड़ें
  • बर्तन, फ्रिज, फूलदान, नारियल के खोल आदि में पानी न रखें.
  • कूलर के पानी को हर रोज बदलें, उसमें पानी को जमा न होने दें
  • घर के आस पास नालियों में एंटी लार्वा का छिड़काव करवाएं
  • इस मौसम में पूरे शरीर को ढके हुए वाले कपड़े पहनकर ही घर से बाहर निकलें.
  • सोन से पहले शरीर पर मच्छररोधी क्रीम का प्रयोग करें.

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