दिल्ली. Delhi दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने 17 साल की नाबालिक की हत्या और अपहरण मामलें में 2 आरोपियों को बरी कर दिया है. कोर्ट की ओर से इस मामले में बताया गया की बच्ची ने आत्महत्या की थी,क्योकि बच्ची के हाथ में बन्दूक मिली थी. इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज नवजीत बुद्धिराजा ने की. उन्होंने इस मामले में 2 पुलिसकर्मियों के खिलाफ डिपार्टमेंटल करवाई करने का आदेश दिया है. दोनों पर इस मामलें में गलत FIR दर्ज करने का आरोप लगा है.

आपको बता दें कोर्ट ने इस मामले में मृत नाबालिक की माँ,फोरेंसिक लैब के डॉक्टर और लड़की के दोस्त के खिलाफ आपराधिक करवाई शुरू की है। ये तीनों लोग इस मामले में गवाह थे और तीनों ने कोर्ट में झूठी गवाही दी थी. कोर्ट ने तीनों के ऊपर सीआरपीसी की धारा 340 के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

क्या है मामला
2016 में नजफगढ़ इलाके में एक नाबालिक लड़की की मर्सिडीज कार में मौत हो गई थी. इस मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. पकड़े गए आरोपियों के नाम योगेश और शुभम है. नाबालिक लड़की का शव मर्सिडिज कार से बरामद किया गया था. गिरफ्तार आरोपियों में से एक के नाम पर यह मर्सिडिज कार रजिस्टर्ड है वहीं दूसरे आरोपी के नाम पर वह बंदूक जिससे लड़की की हत्या की गई थी.

कोर्ट ने इस मामले में दायर याचिका को भी ख़ारिज कर दिया है, जिसमें बताया गया था कि लड़की ने शराब का सेवन किया था,और दोनों आरोपी लड़की के साथ शारारिक संबंध का प्रयास कर रहे थे. कोर्ट ने दोनों आरोपियों के ऊपर लगे हत्या, अपरहण, पास्को के मामले से बरी कर दिया है. वही कोर्ट ने आरोपी योगेश को आर्म एक्ट के तहत दोषी पाया है.

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