नई दिल्ली. अंकित सक्सेना के परिवार के सामने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शर्म से पानी-पानी हो गए और उन्हें उसकी शोकसभा के बीच से जाना पड़ा. अंकित के परिवार ने मुख्यमंत्री से एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की थी. अंकित की उसकी मुस्लिम गर्लफ्रेंड के परिवारीजनों ने हत्या कर दी थी. इसकी एक वीडियो भी वायरल हो रही है, जिसमें दिख रहा है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल प्रार्थना सभा बीच में छोड़कर जा रहे हैं. वीडियो में वह यह कहते भी सुने जा सकते हैं कि मुआवजे की राशि पर बहस करना अन्यायपूर्ण है. अंकित के परिवार ने केजरीवाल को यह भी बताया कि यह उनकी रोजी-रोटी का सवाल है, लेकिन मुख्यमंत्री चुप्पी साध गए.

इसी बीच बीजेपी नेता और मनोज तिवारी, पश्चिमी दिल्ली के एमपी प्रवेश शर्मा और बीजेपी एमएलए एमएस सिरसा भई अंकित की प्रार्थना सभा में पहुंचे. तिवारी ने केजरीवाल पर जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, अंकित के परिवार को मुआवजे के लिए इनकार कर केजरीवाल ने दिखाया कि वह जाति और धर्म से प्रभावित हैं. उन्होंने कहा, यह हैरानी की बात है कि मुस्लिम समुदाय के पीड़ितों को आम आदमी पार्टी भारी मुआवजा राशि दे रही है, जबकि वही सरकार अंकित और तुषार की हत्या पर चुप है. उन्होंने कहा कि बीजेपी अंकित की मां की मां के इलाज का खर्चा उठा रही है. आलोचना के बाद दिल्ली सरकार ने 5 लाख मुआवजे का एेलान किया था, जिसे अंकित के परिवार ने ठुकरा दिया था.