नई दिल्ली. नवंबर आते ही दिल्ली की हवा जहरीली होनी शुरू हो जाती है. कुछ धुंध का तो कुछ प्रदूषण का असर. सर्दियों में दिल्ली में धुंध और प्रदूषण का स्तर बढ़ता है जिससे सांस लेने वाली हवा और हानिकारक हो जाती है. एयर क्वालिटी इंडेक्स के मुताबिक आज दिल्ली के लोधी रोड इलाके में हवा में प्रदूषण के सबसे बड़े कारक पीएम 2.5 की मात्रा 215 और पीएम 10 की मात्रा 229 दर्ज की गई है. ये मात्रा 23 नवंबर 2018 की सुबह 05 बजकर 34 मिनट पर मापी गई है. इन आंकड़ों के अनुसार दिल्ली की हवा का स्तर बेहद खराब है.

बता दें कि वायु गुणवत्ता सूचकांक में 0 से 50 अंक के स्तर तक तक हवा की गुणवत्ता को अच्छा माना जाता है. 51 से 100 अंक तक को संतोषजनक माना जाता है. 201 से 300 के स्तर को खराब और 301 से 400 तक के स्तर को अत्यंत खराब माना जाता है. 401 से 500 के स्तर को गंभीर माना जाता है.

हालांकि इस स्तर के सुधार के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं. दिवाली पर पटाखे जलाने पर बैन से लेकर कृत्रिम बारिश तक हर मुमकिन कोशिश की जा रही है. दिवाली पर प्रदूषण का स्तर न बढ़े इस कारण पटाखे जलाने पर बैन लगाया गया था. वहीं सरकार ने फैसला भी किया है कि यदि हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो राजधानी में कृत्रिम बारिश करवाई जाएगी. इस बारे में जानकारी केंद्रिय पर्यावरण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी थी. उन्होंने कहा था, ‘कृत्रिम बारिश करवाए जाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार विमर्श कर रही है. ज्यादातर विभागों ने इसकी मंजूरी दे दी है. यदि हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं आया तो बारिश करवाई जाएगी.’

Delhi Air Pollution: दिल्ली की जहरीली हवा से निजात पाने के लिए कृत्रिम बारिश कराने की तैयारी

Air pollution in Delhi NCR is at hazardous level: दिवाली के दो दिन बाद भी दिल्ली में स्मॉग का कहर, आनंद विहार, लोधी रोड सहित कई इलाकों की हवा जहरीली

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