फरीदाबाद. हरियाणा के पलवल के फुलवारी गांव में दलित और गुर्जर के बीच संघर्ष को दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन गांव में तनाव अभी भी व्यापत है. दो महीने बीतने के बावजूद तनाव का ये हाल है कि किसी अनहोनी की आशंका से डरे दलितों के 10 परिवारों ने गांव छोड़ दिया है. बता दें कि फुलवारी गांव में दो महीने पहले एक 21 साल के दलित छात्र की दो गुर्जरों ने पिटाई कर दी थी. आरोप है कि दलित छात्र ने उनके घर का काम करने से मना कर दिया था. इसके बाद दोनों जातियों में संघर्ष देखने को मिला था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक मामले में दो एफआईआर भी दर्ज की गई थीं. एक एफआईआर दलित समुदाय की ओर से दर्ज कराई गई थी, जबकि दूसरी गुर्जर समुदाय की ओर से दर्ज कराई गई थी. दलितों ने एफआईआर में गुर्जर समुदाय के लोगों पर हिंसा करने के अलावा जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल करते हुए गालियां देने का आरोप लगाया था. वहीं दूसरी ओर गुर्जर समाज की ओर से दर्जनों दलितों पर हिंसा करने का आरोप लगाया गया था.

वहीं इस घटना के बारे में पलवल पुलिस स्टेशन के SHO इंस्पेक्टर देवेंद्र का कहना है कि हमें दोनों समुदाय की ओर से शिकायत मिली है. पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है. गांव में हालात सामान्य है. इस मामलों में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. इस घटना के बारे में स्थानीय लोगों की कहना है कि घटना के बाद से गांव में भय का माहौल है. डर के कारण दलित समाज के कई परिवार गांव छोड़कर पलायन कर चुके हैं. लोगों ने आशंका जताई की हमें अब इस गांव में नहीं रहने दिया जाएगा. जिसके कारण हमें अपने घर मकान, जमीन जायदाद बेचने होंगे.

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