नई दिल्ली. हम किसी विकसित समाज की बात करते हैं जब यूपी के ग्रेटर नोएडा में तीन दबंगों ने वेज बिरयानी बेचने वाले को सिर्फ इसलिए पीट दिया क्योंकि उसने अपनी जाति दलित बताई. यानी इसके अलावा कोई और जाति बता देता तो उनका धर्म भ्रष्ट न होता. यह वाक्या जितना शर्मनाक है उतना ही दुखद भी है. वीडियो वायरल होने पर सोशल मीडिया पर अब यह मामला जातिवादी बहस की बड़ी शक्ल ले गया.

ग्रेटर नोएडा के मोहम्मदाबाद खेड़ा गांव में आंबेडकर मोहल्ला निवासी लोकेश वेज बिरयानी का ठेला लगाते हैं. शुक्रवार को उनके यहां तीन गांव के युवक बिरयानी खाने पहुंचे. इस दौरान खाते समय उन्होंने बिरयानी बेचने वाले लोकेश से उसकी जाति पूछी.

लोकेश ने बताया कि वह दलित जाति से आता है. इस बात को सुनकर तीनों दंबगों ने बिरयानी फेंककर लोकेश के साथ बदतमीजी शुरू कर दी. उन्होंने लोकेश के साथ जमकर मारपीट की और उसके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया. मामले की सूचना पाकर पुलिस ने तीनों आरोपियो के खिलाफ केस दर्ज किया. हालांकि, खबर लिखे जाने तक गिरफ्तारी की कोई खबर नहीं आई है.

सोशल मीडिया पर यूजर्स का लोकेश की पिटाई पर विरोध, जातिवादी हुई बहस

ट्विटर पर ”चम्मट्टा बिरयानी वहीं बेचेगा” हैशटैग लगातार ट्रेंडिंग में बना हुआ है. इस हैशटैग पर काफी लोग लोकेश के साथ हुए अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. सैकड़ों लोगों ने अपने अकाउंट का नाम बदलकर लोकेश बिरायनी सेंटर भी रख लिया है.

काफी लोगों का कहना है कि लोकेश बिरयानी जहां बेचता था, वहीं बेचेगा और वे उससे बिरयानी खाने भी आएंगे. वहीं काफी लोग मामले की बहस को जातिवादी रूप भी दे रहे हैं. लोगों का आरोप है कि उनकी दलित जाति की वजह से सवर्ण समाज के लोग ऐसे अत्याचार कर रहे हैं.

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