नई दिल्ली. रूसी साइबर सुरक्षा फर्म कास्परस्की ने सोमवार को कहा कि धारा 370 और 35ए के निरस्त होने के बाद भारतीय संस्थानों पर साइबर हमलों में वृद्धि हुई है और देश को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. रविवार को, बिहार शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट को हैक कर लिया गया और वेबसाइट पर वी लव पाकिस्तान जैसे पाकिस्तान और इस्लाम की प्रशंसा करने वाले संदेशों को पोस्ट किया गया. इस हैक की जिम्मेदारी तुर्की हैकर रूटअय्यिलिज ने ली है. हैक किए गए पोर्टल को बाद में बहाल कर दिया गया था.

ग्लोबल सिक्योरिटी एंड एनालिसिस टीम (जीआरईएटी) एपीएसी, कैस्परस्की के वरिष्ठ सुरक्षा शोधकर्ता सौरभ शर्मा ने मीडिया को बताया, हमने भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद भारत पर साइबर हमलों में निश्चित रूप से वृद्धि देखी है. वर्तमान में भारत दुनिया में सातवां सबसे अधिक हमले देखने वाला देश है. हालांकि, उन्होंने कहा, मौजूदा स्थिति में यह समझना मुश्किल है कि क्या ये राज्य प्रायोजित हमले हैं.

शर्मा ने कहा, हम इसकी पुष्टि नहीं कर सकते हैं कि यह पाकिस्तान से उत्पन्न हुआ है या यह साइबर हमलावरों का एक समूह है, जो मौजूदा स्थिति का फायदा उठाते हुए और ऐसे संदेश छोड़ रहे हैं जो अन्यथा सुझाव दे सकते हैं. पिछले महीने, भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (सीईआरटी-इन) ने संसद को सूचित किया कि केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और राज्य सरकारों की 24 से अधिक वेबसाइटों को मई तक हैक कर लिया गया था.

आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि भारतीय साइबरस्पेस पर साइबर हमले शुरू करने के प्रयास किए गए हैं, और इन हमलों को चीन और पाकिस्तान सहित कई देशों से उत्पन्न होना देखा गया था. कैस्परस्की कार्यकारी ने चेतावनी दी कि भारत को अपनी वेबसाइटों की सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की बात करते समय अधिक सावधान रहने की जरूरत है, खासकर जब साइबर हमला करने वाले लोग देशों के बीच साइबरवार के नाम पर हमारी कमजोरियों का फायदा उठाने के लिए तैयार हैं.

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