नई दिल्ली/ कोरोना वायरस पूरे देश में एक बार फिर अपने पैर पसारता जा रहा है. लॉकडाउन के बीच भी कोरोना थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. कई राज्यों में हालात और बिगड़ते जा रहे हैं. रोज हजारों नए केस सामने आ रहे हैं. इन सबके बीच डराने वाली बात ये है कि कोरोना से संक्रमितों के लक्षण लगातार बदलते दिख रहे है. पहली कोरोना की लहर के दौरान कई लक्षण दिखाई दिए थे जैसे सर्दी, बुखार, जुखाम बार बार होना और गंध स्वाद का पता नही चलना. इस दूसरी लहर के दौरान कई ऐसे लक्षण सामने आ रहे हैं, जिनके कारण मरीज को पता नहीं लगता कि वो कोरोना संक्रमित हैं. इसी के चलते कोरोना संक्रमण फैलता जा रहा है.

कोरोना मरीजों में देखी पेट की समस्याएं

कोरोना वायरस लगातार म्यूटेट हो रहा है, जिसकी वजह से शरीर के अलग-अलग अंगों में संक्रमण दिख रहा हैं. वायरस का हमला डायरिया, पेट में मरोड़, उल्टी लगना या पेट में तेज दर्द भी कोरोना संक्रमण का संकेत दे रहा हैं. यदि पेट से ऐसी जुड़ी समस्या आपके साथ हो रही है, तो उसे दवा लेने के बजाए डॉक्टर से जल्द से जल्द संपर्क करें.

कोरोना मरीजों में दिखी कानों में तेज दर्द की समस्याएं

कोरोना मरीजों में कानों में तेज दर्द के लक्षण भी देखने को मिल रहें हैं. इंटरनेशन जर्नल ऑफ ऑडियोलॉजी में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार कोरोना का नया वेरिएंट कानों की समस्या को ट्रिगर करता दिख रहा हैं. इंटरनेशन जर्नल ऑफ ऑडियोलॉजी की रिपोर्ट के अनुसार कानों में दर्द या सुनाई देने में समस्या का आना. ऐसे लक्षण एक दो नहीं बल्कि 56 प्रतिष्टी मरीजों में दिखे.

कोरोना मरीजों की आंखों में दिखा संक्रमण

कोरोना मरीजों की आंखे पिंक यानी लालिमा या गुलाबीपन का लक्षण दिखा. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया कि चीन में हुई एक स्टडी में पता चला कि कोरोना के मरीज की आंखे भी प्रभावित होती हैं. इसके लक्षण कंजंक्टिवाइटिस यानी आंखों के बैक्टीरियल संक्रमण की तरह दिखते हैं, जैसे आंखों का लाल होना, पानी आना, खुजली या जलन होना. ऐसे में इसे केवल आंखों की समस्या मानकर कोई ड्रॉप डालना या नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. ये कोरोना वायरस भी हो सकता हैं.

कोरोना मरीजों में सीने में दर्द और बैचेनी की समस्या भी दिखी

कोरोना मरीजों में म्यूटेशन दिल की समस्या भी देखने को मिल रही हैं. अमेरिका साइंस मैगजीन जामा कार्डियोलॉजी में छपी स्टडी के बताया गया कि लगभग 78 प्रतिशत तक कोरोना के मरीज या इससे रिकवर हो चुके लोगों में कार्डियक समस्याएं देखी गईं. इनमें से 60 प्रतिशत लोगों में मायोकार्डिअल इनफ्लेमेशन दिखा, जिसके लक्षण दिल के दौरे से मिलते-जुलते हैं, जैसे सीने में दर्द, सांस फूलना, थकान महसूस होना.

कोरोना मरीजों में दिखी याददाश्त कमजोर होने के लक्षण

कोरोना मरीजों में ब्रेन फॉग की स्थिति नजर आई. ब्रेन फॉग के बारे में डॉक्टर कई बार गर्भवती महिलाओं को लेकर कहते हैं. वैसे तो ये तंत्रिका तंत्र संबंधी समस्या है, जो महिलाओं में गर्भधारण के दौरान या उसके बाद हॉर्मोन्स में उतार-चढ़ाव के कारण दिखती है. हालांकि कोरोना मरीजों में इसका सीधा ताल्लुक तंत्रिका से है. medRxiv की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे समय तक कोरोना से बीमार रहने वालों में ब्रेन फॉग की परेशानी दिख रही है यानी वे मतिभ्रम का शिकार होते हैं और मामूली बातें भी भूलने लगते हैं.

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