नई दिल्ली: महीनों बाद कोरोना को लेकर खुशखबरी आई है. इंडियन मेडिकल काउंसिल ऑफ मेडिकल रिचर्स यानी आईसीएमआर के मुताबिक कोविड-19 का मानव पर क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो चुका है. आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव के मुताबिक कोरोना वैक्सीन का चूहों और खरगोश पर सफलतापूर्वक अध्ययन किया जा चुका है. अब इसका डेटा ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को दिया गया है जिसके बाद इस महीने की शुरुआत में पहले चरण के मानव ट्रायल की इजाजत मिल चुकी है.

उन्होंने कहा कि अलग-अलग जगहों पर करीब एक हजार लोगों पर मानव मानव ट्रायल कर उसका अध्ययन किया जा रहा है. मानव ट्रायल पूरा होने के बाद इसे प्रमाणिक्ता मिलेगी और देश में कोरोना की दवा उपलब्ध होगी. बलराम भार्गव ने कहा कि बलराम भार्गव ने कहा कि रूस ने जो फास्ट ट्रैक वैक्सीन बनाया है उसका शुरुआती चरफ सफल रहा है. अमेरिका ने अपने दो वैक्सीन का फास्ट ट्रैक किया है, इसके अलावा ब्रिटेन भी यह देख रहा है कि वे कैसे ऑक्सफोर्ड वैक्सान का फास्ट ट्रैक कर रहे, कैसे इसका मानव इस्तेमाल के लिए फास्ट ट्रैक किया जा सके

बलराम भार्गव के मुताबिक आईसीएमआर की योजना थी कि वे अगस्त के मध्य तक कोविड-19 के वैक्सीन को पांच हफ्ते में तीन चरणों का क्लीनिक ट्रायल पूरा कर लेंगे लेकिन इस बार पर आईसीएमआर की काफी आलोचना की जा रही थी. हालांकि बाद में उसने साफ कर दिया है कि संभावित कोविड-19 वैक्सीन के डेवलप करने में तेजी का प्रयास किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द दवा बाजारों में उपलब्ध हो सकें और लोगों की जान बचाई जा सके.

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