नई दिल्ली. बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों के मद्देनजर राजस्थान सरकार ने बुधवार को फल-सब्जी, दूध, किराने का सामान और दवाएं बेचने वाले और 45 या उससे ऊपर के लोगों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगाने का आदेश जारी किया है. कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए राज्य में लॉकडाउन लगा है, लेकिन आवश्यक सेवाओं को संचालित करने की अनुमति है. इसलिए, सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि उनमें लगे लोग कोरोना फैलाने का कारण न बनें.

राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सचिव सिद्धार्थ महाजन द्वारा हस्ताक्षरित और सभी जिला कलेक्टरों को जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि बैंक कर्मचारियों, उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों, फल और सब्जी और दूध विक्रेताओं, दवा विक्रेताओं, अखबार के फेरीवालों और मीडिया के लोगों को पहले टीका लगाया जाना चाहिए.

इनके अलावा, फ्रंट लाइन वर्कर्स (पुलिस, राजस्व, पेयजल, बिजली विभाग के कर्मी) जिनका अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ है, लेकिन हॉटस्पॉट क्षेत्रों, प्रतिनियुक्ति क्षेत्रों में नियुक्त किए गए हैं, उनका भी टीकारण किया जाए. यह सुनिश्चित करने के लिए कि उनका जीवन खतरे में नहीं है, उन लोगों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जाना चाहिए. बता दें कि 16 जनवरी से राज्य में अब तक 1.13 करोड़ लोगों का टीकाकरण हो चुका है.

राजस्थान में मंगलवार को 12,201 नए सीओवीआईडी ​​-19 मामले सामने आए हैं अब  राज्य में कुल संक्रमण की संख्या  4,38,785 हो गया है. आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, राज्य में 64 और मृत्यु हुई है, राज्य में अबतक इस वायरल के कारण 3,268 लोगों की मौत  हो गई है.

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