नई दिल्ली/ कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है। थमने का नाम नहीं ले रहा है, हर जगह त्राहिमाम मचा हुआ है। रोजाना नए नए  रिकॉर्ड कोरोना केस सामने आ रहे है। वहीं अस्पतालों में बेड की कमी तो बढ़ ही रही थी, अब ऑक्सीजन की कमी मरीजों की जान पर आफत बन गई है। इस स्थिति में कम संक्रमित लोगों को होम आइसोलेशन की सलाह दी जाती है। इसलिए यदि आप होम आइसोलेशन में है तो कुछ बातों का ध्यान रखिए। हालांकि 80 फीसदी लोग होम आइसोलेशन में सही हो पाते है।

हालांकि ध्यान रखे यदि आप होम आइसोलेशन में है तो घर में पूरी तरह से आइसोलेट रहना है। उसके कपड़े, खाने का बर्तन, तौलिया, चादर सहित हर चीज घर के दूसरे लोगों के सामानों से अलग रखी होनी चाहिए। संक्रमित मरीज को अपने कमरे की खिड़कियां खुली रखनी चाहिए ताकि हवा और धूप कमरे में आ सके। घर में मरीजों को दो से तीन बार बुखार चेक करना चाहिए। बुखार 100 डिग्री फारेनहाइट से ज्यादा नहीं होना चाहिए अन्यथा डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत हो सकती है। वहीं ऑक्सीमीटर की मदद से खून में ऑक्सीजन का लेवल भी चेक करते रहें। इसका लेवल 94 फीसदी से कम नहीं होना चाहिए।

डॉक्टर्स की नई गाइडलाइंस के अनुसार होम आइसोलेशन वाले मरीजों को डॉक्टर की सलाह से  आइवरमेक्टिन (Ivermectin) या टैबलेट एचसीक्यू (Tab HCQ) दिया जा सकता है। हालांकि गर्भवती या बच्चे को दूध पिला रही महिलाओं में आइवरमेक्टिन (ivermectin) नहीं से सकते है। पांच दिनों के बाद भी बुखार या कफ बना हुआ हो तो इनहेलेशनल बुडेसोनिड (Inhalational Budesonide) दिया जा सकता है।

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