नई दिल्ली: कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी के शपथग्रहण समारोह में आए मुख्यमंत्रियों के रहने और खाने के बिल पर सियासत हो रही है. ट्विटर पर #DarubaazKejri के नाम से ट्रेंड चलाया जा रहा है. जहां दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को विपक्षी दलों के सोशल मीडिया धुरंधर जमकर ट्रोल कर रहे हैं.

बेंगलोर मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक अरविंद केजरीवाल एच डी कुमारस्वामी के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए 23 मई 2018 को दिल्ली से बेंगलुरु पहुंचे और वहां के पांच सितारा होटल ताज वेस्ट एंड में रुके. सीएम केजरीवाल ने सुबह 9:49 पर चेक इन किया और अगले दिन 24 मई को सुबह 5:34 बजे होटल छोड़ दिया. इस एक दिन में सीएम केजरीवाल के खाने-पीने का बिल करीब 76 हजार रूपये बना जबकि उनका टोटल बिल 1,85,287 रुपये बना.

इसी तरह आंध्र पद्रेश के सीएम चंद्र बाबू नायडू ने भी ताज वेस्ट एंड में 23 मई सुबह 9:49 बजे चेक इन किया और अगले दिन सुबह 5:34 बजे चेक आउट किया और इस दौरान उनका बिल 8,72,485 रुपये बना.

हजारों-लाखों में कैसे पहुंच जाता है नेताओं के खाने का बिल?

सोशल मीडिया ट्रोल्स इस रिपोर्ट के आधार पर सीएम केजरीवाल को जमकर कोस रहे हैं. उनका तर्क है कि ये नेता जनता के टैक्स का पैसों से फाइव स्टार होटलों में खा-पीकर उड़ा रहे हैं. जाहिर है आपके मन में भी ये सवाल आ रहा होगा कि एक दिन में आखिर इतना बिल बन कैसे जाता है या फिर ये नेता ऐसा क्या खा लेते हैं जिसका बिल लाखों में पहुंच जाता है?

दरअसल ये बिल सिर्फ नेता के खाने का नहीं होता है बल्कि उनके साथ जो लोग चलते हैं या उनसे मिलने आए होते हैं, उनका भी बिल इसी में जुड़ा होता है. क्योंकि कमरा मुख्यमंत्री या होटल में ठहरे नेता के नाम  पर होता है तो जाहिर है बिल भी मुख्यमंत्री या नेता के नाम से ही बनेगा.

अक्सर ऐसा होता है कि किसी पार्टी का कोई बड़ा नेता या मुख्यमंत्री किसी दूसरे शहर जाता है तो उस राज्य में मौजूद उनकी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और दूसरे नेता एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए मौजूद होते हैं और फिर उनके साथ होटल तक जाते हैं. जाहिर है शिष्टाचार के तहत मुख्यमंत्री या नेता साथ आए साथियों को चाय-नाश्ता भी कराते होंगे. वहीं कुछ लोग उनके साथ डिनर भी करते होंगे. ऐसे में स्वभाविक है कि होटल का बिल भी उसी अनुसार आएगा.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का ही उहादरण ले लेते हैं. पड़ोसी राज्य का मुख्यमंत्री होने की वजह से जाहिर है उनकी पार्टी के नेता और उनके करीबी लोग उनसे ज्यादा संख्या में मिलने आए हों जिसकी वजह से उनका होटल बिल 8,72,485 तक पहुंच गया वहीं बाकी नेताओं का बिल लगभग बराबर ही रहा.

किस नेता के नाम पर बना कितने का बिल?

अखिलेश यादव के होटल का बिल 1,02,400 रुपये आया वहीं बीएसपी सुप्रीमो मायावती का होटल बिल 1,41,443 रुपये आया. केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत का बिल भी 1,02,400 आया. सीताराम येचुरी का होटल बिल 64 हजार रहा जबकि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी का बिल भी मात्र 38,400 आया. वहीं एनसीपी नेता शरद पवार का होटल बिल 64000 और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबुलाल मरांडी का होटल बिल 45,952 आया.

जिला गेस्ट हाउस जिसे सर्किट हाउस भी कहते हैं, वहां भी जब कोई बड़ा नेता या मंत्री आता है तो सिर्फ उनके खाने के व्यवस्था नहीं की जाती है बल्कि ये मानकर चला जाता है कि नेता या मंत्री के साथ उनकी पहुंच के हिसाब से 40-50 लोग भी आएंगे. ऐसे में उनके लिए भी सर्किट हाउस में खाना बनता है. बड़े नेताओं के साथ हमेशा 10-20 लोग होते ही हैं फिर चाहे वो सर्किट हाउस में ठहरें या फिर किसी फाइव स्टार होटल में. जाहिर है ऐसे में नेता के नाम पर ही बिल बनेगा जो हजारों-लाखों में होता है. 

LIVE: सोशल नेटवर्किंग साइट Twitter पर अरविंद केजरीवाल के खिलाफ क्यों ट्रेंड कर रहा है #DaruBaazKejri

Posted by InKhabar on Thursday, 9 August 2018

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