बेंगलुरु. कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर घमासान छिड़ गया है. कई कांग्रेसी नेताओं ने टिकट न मिलने से नाराज होकर मान्ड्या में पार्टी के दफ्तर में तोड़फोड़ कर दी. इसके अलावा लोकसभा में पार्टी के नेता और पूर्व रेल मंत्री मल्लिकार्जुल खड़गे के आवास पर विरोध प्रदर्शन भी किया है. कर्नाटक में सत्ता बचाने की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस में टिकट बंटवारे से नाराज नेताओं के बगावती सुर सामने आने लगे हैं. कई नाराज नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा देने की चेतावनी तक दी है.

टिकट से वंचित किए गए पार्टी नेता अंजनामूर्ति के समर्थक भी नाराज होकर विरोध-प्रदर्शन करने लगे. नेलमंगला के पास एनएच पर भी कांग्रेसियों ने टायर जलाकर विरोध किया. एक अन्य टिकट दावेदार नेता बृजेश कलप्पा ने भी ट्विटर पर अपनी नाराजगी जाहिर की है. माना जा रहा है कि सभा नाराज नेताओं ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष वी आर सुदर्शन भी टिकट नहीं दिए जाने से नाराज बताए जा रहे हैं. ऐसी चर्चा है कि सुदर्शन बीजेपी ज्वाइन कर सकते हैं. बेंगलुरू सिटी से पूर्व विधायक प्रसन्ना कुमार भी टिकट नहीं मिलने से नाराज हैं, उनके जेडीएस ज्वाइन करने की चर्चा है.

कांग्रेस ने पीएनबी बैंक घोटाले के आरोपी मेहुल चौकसी के वकील को भी टिकट दिया है. इसका भी पार्टी के अंदर विरोध हो रहा है. उधर, बीजेपी कांग्रेस के विरोध के मद्देनजर कुछ लोगों को रिझाने की कोशिश में जुट गई है. देश की राजनीति में लगातार सिमटती जा रही कांग्रेस के सामने कर्नाटक के किला को बचाने की चुनौती है.

राहुल गांधी मेगा रैली कर रहे हैं और कांग्रेस ने सिद्धारमैया को पूरी ताकत दे रखी है. ऐसे में सिद्धारमैया पर डिक्टेटरशिप के आरोप कांग्रेस के लिए झटके से कम नहीं हैं. पार्टी तुरंत डैमेज कंट्रोल में जुट गई है. कांग्रेस ने वरिष्ठ नेताओं की 4 टीम बनाई है. इन्हें नाराज नेताओं को मनाने की जिम्मेदारी मिली है. 

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