नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने राफेल विमान सौदे के मामले में जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से करवाने की मांग की है. इस मामले में राहुल गांधी ने वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा राफेल विमान सौदे में भारत की निजी कंपनी को साझेदार के रूप में चुनने के मसले पर सरकार के बचाव को खारिज करते हुए कहा कि अरुण जेटली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झूठ बोलना बंद करें और सौदे की जांच जेपीसी से कराने के आदेश दें.

राहुल गांधी ने कहा कि वित्त मंत्री की यह खासियत है कि वे बचाव नहीं करने वाली बातों को बचाव करने के लिए झूठी साधुता दिखाते हैं. इसके साथ ही क्षोभ जाहिर करने के लिए दोहरी बातें करते हैं या झूठ बोलते हैं. राहुल ने ट्विटर पर लिखा “जेटली, आरएम (रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण) और पीएम मोदी अब झूठ बोलना बंद कर राफेल घोटाले का सच सामने लाने के लिए जेपीसी से जांच करवाएं.”

गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने यह टिप्पणी जेटली के सोशल मीडिया के उस पोस्ट के बाद दी है जिसमें उन्होंने मोदी सरकार के सुझाव पर जेट सौदे में एक निजी कंपनी को साझेदार बनाने के संबंध में फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के दावे की सच्चाई पर सवाल उठाया. फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति के दावे को खारिज करते हुए
जेटली ने साझेदारी को लेकर राहुल गांधी के ट्वीट और ओलांद के बयान के बीच तालमेल बताया.

दरअसल वित्त मंत्री ने ब्लॉगपोस्ट में कहा, “30 अप्रैल को राहुल गांधी ने वैश्विक भ्रष्टाचार का ट्वीट किया, यह सिर्फ इत्तेफाक नहीं है. यह राफेल विमान वास्तव में दूर तक और तीव्र गति से उड़ता है और अगले कुछ हफ्तों में यह कुछ बड़े बंकर बस्टर बम गिराने जा रहा है.” जेटली ने इस संबंध में कहा कि फ्रांस्वा ओलांद के पहले बयान का तुक राहुल के पूर्वानुमान से मिलता है. बता दें कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने एक वेबसाइट पर खुलासा करते हुए कहा था कि राफेल डील मामले में भारत ने फ्रांस सरकार को अनिल अंबानी की कंपनी का नाम सुझाया था.

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