नई दिल्ली. देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष का पद कभी भारतीय राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण पद हुआ करता था. एक वक्त जो कांग्रेस अध्यक्ष का पद महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, राजेंद्र प्रसाद जैसे भारत की आजादी के नायकों ने संभाला था वहीं  पद पिछले दो महीनो से खाली हैं. ज्ञात हो कि 2019 लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी के प्रचंड बहुमत से दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. तब से यह पद खाली था.

गांधी-नेहरू परिवार और कांग्रेस अध्यक्ष पद
आज कांग्रेस अध्यक्ष पद पर गांधी-नेहरू परिवार से बाहर के व्यक्ति के नाम पर पार्टी में कोई सहमत ही नहीं हो पा रहा है. लेकिन ऐसा हमेशा नहीं था. 1885 में बनी कांग्रेस में 1933 तक कांग्रेस अध्यक्ष पद का कार्यकाल एक साल का होता था. 1919 में मोतीलाल नेहरू कांग्रेस अध्यक्ष बने. मोतीलाल नेहरू एक प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी थे. जवाहरलाल नेहरू अपने पिता के अध्यक्ष बनने के 10 साल बाद यानी 1929 में पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष बने. जवाहरलाल नेहरू आजादी के वक्त तक कई बार कांग्रेस अध्यक्ष बने. इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष पद को भारत की आजादी की लड़ाई के कई नायकों ने सुशोभित किया. मदन मोहन मालवीय हों या मौलाना अली जौहर, सुभाष चंद्र बोस हों या लाला लाजपत राय. लेकिन आजादी के बाद स्थितियां बदल गईं.

आजादी के बाद महात्मा गांधी चाहते थे कांग्रेस को खत्म कर देना
|महात्मा गांधी का मत था कि आजादी के बाद कांग्रेस को खत्म कर देना चाहिए. उनका मानना था कि कांग्रेस की स्थापना आजादी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए की गई थी. जब वो लक्ष्य हासिल हो गया तो कांग्रेस को एक राजनीतिक पार्टी के तौर पर नहीं रहना चाहिए. हालांकि गांधी की इस बात पर कांग्रेस में किसी ने ध्यान नहीं दिया. इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री बनने के बाद कांग्रेस में यह नियम हो गया कि प्रधानमंत्री ही कांग्रेस अध्यक्ष भी होगा. इंदिरा गांधी के बाद राजीव गांधी और उनके बाद पीवी नरसिम्हा राव तक यह सिलसिला जारी रहा.

सबसे लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष रहीं सोनिया गांधी
सोनिया गांधी ने 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष पद की कमान संभाली. कांग्रेस सत्ता से बाहर हो चुकी थी आपसी फूट के कारण पार्टी कमजोर हो रही थी ऐसे में गांधी-नेहरू परिवार से सोनिया गांधी पांचवी अध्यक्ष थीं. उनके नाम सबसे लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बने रहने का रिकॉर्ड भी है. सोनिया गांधी 2017 तक कांग्रेस अध्यक्ष थीं यानी कुल 19 साल. सोनिया गांधी के बाद उनके बेटे राहुल गांधी नेहरू-गांधी परिवार से छठे कांग्रेस अध्यक्ष बने. राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद एक परिपक्व और आक्रामक राजनेता के तौर पर स्थापित भी हो रहे थे लेकिन 2019 लोकसभा चुनावों में करारी हार और खासकर अमेठी से अपने परिवार की पुश्तैनी सीट पर उनकी खुद की हार के बाद उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले दूसरे व्यक्ति हैं. पहले थे महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस. जिन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद आजाद हिंद फौज बनाई और अंग्रेजों के खिलाफ सीधी लड़ाई छेड़ दी थी.

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