नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली केंद्र सरकार शुक्रवार को राज्य सभा में ट्रिपल तलाक बिल पेश करेगी, लेकिन उससे पहले एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने विवादित बयान दिया है. उन्होंने मुस्लिम महिलाओं की तकलीफ की तुलना सीता से कर दी, जिन्हें भगवान राम ने छोड़ दिया था. कांग्रेस सांसद हुसैन दलवई को मुस्लिम विमिन प्रोटेक्शन अॉफ राइट्स अॉन मैरिज बिल में संशोधन पर चर्चा करने के लिए बुलाया गया था.

इस बिल में इंस्टेंट तलाक को अपराध की श्रेणी में रखा गया है. दलवई ने मीडिया से बातचीत में कहा, ”मोदी सरकार मुस्लिम महिलाओं की भलाई में दिलचस्पी नहीं ले रही है. मुस्लिम महिलाओं को ज्यादा अधिकार देने और सशक्त बनाने का दावा सिर्फ दिखावा है”।

संशोधित ट्रिपल तलाक बिल पर दलवई ने कहा, मुस्लिम ही नहीं हिंदू, सिख और ईसाई समुदाय में भी महिलाओं के साथ बुरा बर्ताव होता है। हर समाज पुरुष प्रधान है. भगवान राम ने भी सीता पर शक करने के बाद उन्हें छोड़ दिया था. इसलिए हमें पूरी तरह बदलना होगा.

हालांकि बयान पर विवाद को बढ़ता देख उन्होंने इस पर सफाई भी दी. उन्होंने कहा, मैं भी देवी का भक्त हूं. मेरा मतलब था कि हिंदू महिलाओं पर प्राचीन समय से ही अत्याचार होते रहे हैं. महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता ने कहा कि उनका किसी भी धर्म के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था. दलवई ने पिछले साल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर कहा था कि ट्रिपल तलाक को आपराधिक श्रेणी में लाना काफी परेशानियां खड़ी कर सकता है.

बता दें कि राज्यसभा में विपक्ष के राफेल जेट विमान समझौते सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही दोपहर 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में शुक्रवार को अहम ट्रिपल तलाक बिल के अलावा कई अहम विधेयक सूचीबद्ध हैं.

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