देहरादून, 28 साल बाद अपने पैतृक गांव पंचूर में एक रात्रि रुकने के बाद बुधवार सुबह यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गांव की सैर से अपने दिन की शुरुआत की. वह गांव में घर के उसी कमरे में रूके, जहाँ उन्होंने अपना बचपन बिताया था.

ऐसा रहा गाँव में सीएम योगी का दूसरा दिन

अपने पैतृक गाँव पंचूर में दुसरे दिन तड़के चार बजे उठने के बाद योगी आदित्यनाथ ने स्नान करने के बाद घर में ही पूजा की, इसके बाद वे गाँव की सैर पर निकल पड़े. इस दौरान चाय पर उन्होंने त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत अन्य नेताओं से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. इसी दौरान गांव में उनके पुराने मित्रों और बुजुर्गों के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हुआ, जिसमें सभी ने अपनी पुरानी यादें साझा की.
करीब दस बजे के आसपास सीएम योगी के भतीजे के मुंडन की तैयारियां शुरू हो गई. भतीजे अंनत को हल्दी बान देने का सिलसिला शुरू हुआ. सबसे पहले योगी आदित्यनाथ ने ही भतीजे अंनत को हल्दी लगाई. करीब 12 बजे तक मुंडन संस्कार संपन्न हुआ, जिसके बाद सभी मेहमानों ने अंनत को तोहफे दिए.

दोपहर में तकरीबन डेढ़ बजे योगी आदित्यनाथ ने अपने परिजनों के साथ कमरे में भोजन किया. इसके बाद घर में ही उनका जनता दरबार भी लगा, जहां लोगों ने उनसे क्षेत्र की समस्याएं साझा की.

सालों बाद परिवार से मिले योगी

फिलहाल सीएम योगी अपने परिवार से मिलने पहुंचे हैं. मां के साथ ही उन्होंने घर के सभी बड़ों का आर्शीवाद लिया. सीएम योगी के स्वागत के लिए पूरे गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है, गांव में पहाड़ी परिधान में पहाड़ी गीत के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया गया. सीएम योगी के लिए उनके घर पर तरह-तरह के पकवान बनाए गए. उनकी बड़ी बहन ने सोमवार को बताया था कि योगी आदित्यनाथ पहाड़ी चटनी पसंद है उसे भी बनाया जाएगा. बता दें कि करीब एक साल पहले सीएम योगी के पिता की मृत्यु हो गई थी, पिता की मौत के बाद पहली बार योगी आदित्यनाथ अपने घर पहुंचे हैं.

 

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