CM Ashok Gehlot On Floor Test: राजस्थान में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद फ्लोर टेस्ट की मांग तेज हो गई है. अब फ्लोर टेस्ट की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि भगवान ने भी इत्ती अक्ल दी होगी कि कांग्रेस का कोई विधायक फ्लोर टेस्ट की मांग नहीं कर सकता है. अगर कोई शिकायत है तो विधायक दल की बैठक बुलाने को कह सकता है. फ्लोर टेस्ट की मांग करके सचिन पायलट ने साबित कर दिया है कि वह बीजेपी के सहयोग से सरकार को गिराएंगे.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हाईकमान को मजबूरी में ये फैसला करना पड़ा, क्योंकि काफी समय से भाजपा षणयंत्र कर रही थी. हम जानते थे कि ये षणयंत्र बहुत बड़ा है और हॉर्स ट्रेडिंग हो रही है. ये स्थिति उसी वजह से पैदा हुई है. सचिन पायलट के हाथ में कुछ भी नहीं है. उनका पूरा कुनबा बीजेपी के हाथों में खेल रहा है. सारी व्यवस्था भाजपा ने की है. जिस टीम ने मध्यप्रदेश में काम किया था वही यहां भी काम कर रही है.

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘कांग्रेस नेतृत्व ने बार-बार यह कहा जो राजनीतिक ताकत सचिन पायलट को कम उम्र में दी गई, वो शायद किसी को नहीं मिली. 30-32 साल की उम्र में उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया गया. 34 साल की उम्र में राजस्थान के कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी. 40 साल की उम्र में उपमुख्यमंत्री बनाया. किसी को इतनी कम उम्र में पार्टी की तरफ से इतना कुछ मिलना दर्शाता है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी का आशीर्वाद उसके साथ था.

सुरजेवाला ने कहा कि पिछले 4 दिन से भी कांग्रेस कहती रही कि कोई सुबह का भूला शाम को लौट आए तो बात सुनी जाएगी, लेकिन खेद है कि पायलट और उनके कुछ साथी 8 करोड़ राजस्थानियों द्वारा चुनी गई सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे हैं. इसलिए हमें ये फैसला करना पड़ा है.

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