नई दिल्ली. नागरिकता (संशोधन) विधेयक, सीएबी, राज्यसभा से पारित हो गया है. संसद के उच्च सदन में नागरिकता संशोधन बिल के समर्थन में 125 वोट गिरे, जबकि बिल के खिलाफ सिर्फ 105 वोट ही पड़े. यह बिल लोकसभा में पहले ही पारित हो चुका है, अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नागरिकता अधिनियम 1955 में संशोधन हो जाएगा. गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन बिल बुधवार दोपहर में ही राज्यसभा में पेश किया.

राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल पर काफी हंगामा हुआ. विपक्ष ने इस बिल को पहले सेलेक्ट कमिटी के पास भेजे जाने का प्रस्ताव रखा. हालांकि यह प्रस्ताव भी वोटिंग के बाद गिर गया. वहीं अन्य विपक्षी सांसदों ने इस बिल में संशोधन के प्रस्ताव रखे, वो भी वोटिंग के बाद गिर गए. शिवसेना ने इस बिल पर राज्यसभा में वॉक आउट किया और किसी भी प्रकार की वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया. एक दिन पहले शिवसेना ने लोकसभा में इस बिल का समर्थन किया था.

यहां पढ़ें Citizenship Amendment Bill 2019 in Rajya Sabha Highlights:

Highlights

नागरिकता संशोधन बिल राज्यसभा में पारित

राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल पारित हो चुका है. बिल के समर्थन में 125 वोट पड़े जबकि बिल के खिलाफ सिर्फ 105 वोट ही गिरे. शिवसेना ने इस बिल पर वोटिंग से वॉकआउट किया.

नागरिकता संशोधन बिल में संशोधन का प्रस्ताव भी गिरा

राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल में विपक्ष के संशोधन किए जाने के प्रस्ताव को भी सदन में बहुमत नहीं मिल पाया है. इस प्रस्ताव के खिलाफ 116 वोट पड़े, जबकि समर्थन में सिर्फ 96 वोट ही पड़े. टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने इस बिल में संशोधन का प्रस्ताव रखा था.

नागरिकता संशोधन बिल पर वोटिंग से शिवसेना का वॉक आउट

शिवसेना ने राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल को सेलेक्ट कमिटी के पास भेजे जाने के प्रस्ताव पर हुई वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया. शिवसेना ने इस दौरान सदन से वॉक आउट किया. ऐसे में माना जा रहा है कि इस बिल को सदन से पारित कराने में होने वाली वोटिंग पर भी वॉक आउट करेगी.

नागरिकता संशोधन बिल सेलेक्ट कमिटी को नहीं भेजा जाएगा

नागरिकता संशोधन बिल को सेलेक्ट कमिटी को भेजे जाने के खिलाफ राज्यसभा में कुल 124 वोट पड़े. जबकि समर्थन में सिर्फ 99 वोट ही पड़े. यानी कि यह बिल सेलेक्ट कमिटी को नहीं भेजा जाएगा. विपक्षी सदस्यों ने इस बिल को सेलेक्ट पैनल को भेजे जाने की मांग की थी. अब थोड़ी देर में इस बिल को सदन में पारित कराने के लिए वोटिंग की जाएगी.

नागरिकता संशोधन बिल को सेलेक्ट कमिटी के पास भेजे जाने के लिए वोटिंग

राज्यसभा में विपक्ष ने नागरिकता संशोधन बिल को सेलेक्ट कमिटी के पास भेजे जाने की मांग की है. राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने इस पर वोटिंग का निर्णय लिया है. इस बिल को सेलेक्ट कमिटी के पास भेजे जाने के लिए वोटिंग शुरू होने जा रही है.

यूुपी के देवबंद में CAB का विरोध, धारा 144 लागू

पूर्वोत्तर राज्यों के साथ उत्तर प्रदेश में भी नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. यूपी के देवबंद में अल्पसंख्यकों ने इस बिल के विरोध में हाईवे जाम कर दिया है. प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है.

CAB पर पाक PM इमरान खान और कांग्रेस के बयान एक जैसे- अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि नागरिकता संशोधन बिल पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और कांग्रेस के विचार मिलते जुलते हैं. कांग्रेस इस बिल से खफा क्यों है? मैं यह पूछना चाहता हूं कि कांग्रेस ने एनिमी प्रोपर्टी बिल का विरोध क्यों किया?

शिवसेना ने एक रात में अपना स्टैंड क्यों बदला?

अमित शाह ने नागरिकता संशोधन बिल पर राज्यसभा में भाषण के दौरान कहा कि शिवसेना ने लोकसभा में इस बिल का समर्थन किया था. अब ऐसा क्या हुआ कि शिवसेना ने एक रात में अपना स्टैंड बदल दिया. महाराष्ट्र की जनता इसका जवाब जानना चाहती है.

कांग्रेस ने धर्म के आधार पर बंटवारे का समर्थन किया था- अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि पूरे देश को पता है कि बंटवारे के पीछे जिन्ना का हाथ था. जिन्ना की टू नेशन थ्योरी का कांग्रेस ने समर्थन किया था. आजादी के दौरान धर्म के आधार पर देश का बंटवारा क्यों किया गया?

गुवाहाटी में कर्फ्यू लगा

असम में नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है. असम की राजधानी गुवाहाटी में शाम 6.15 बजे से कर्फ्यू लगा दिया गया है.

भारतीय मुस्लिमों को CAB से डरने की जरूरत नहीं- अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत में रहने वाले मुस्लिमों को डरने की जरूरत नहीं है. क्योंकि इस बिल में किसी की भी नागरिकता छीनने की बात नहीं की है. इस बिल में सिर्फ बाहर से आए प्रताड़ित विभिन्न धर्म के लोगों को नागरिकता देने की बात की जा रही है.

नागरिकता संशोधन बिल अनुच्छेद 14 के खिलाफ नहीं- अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि आर्टिकल 14 में धर्म के आधार पर उचित वर्गीकरण मान्य है. अमित शाह ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के कुछ फैसलों का हवाला देते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के गैर-मुस्लिमों को भारत की नागरिकता देने का फैसला धर्म के आधार पर उचित वर्गीकरण का उदाहरण है. इसलिए कहीं से भी CAB संविधान के आर्टिकल 14 के खिलाफ नहीं है.

नागरिकता संशोधन बिल पर पंथ निरपेक्षता का कोई सवाल नहीं उठता- अमित शाह

अमित शाह ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान की गई अपनी बातें फिर से दोहराई. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान तीनों देशों में गैर मुस्लिम अल्पसंख्यक हैं. CAB पर पंथ निरपेक्षता का कोई मुद्दा नहीं उठता है, क्योंकि इसमें हिंदू के अलावा जैन, बौद्ध, ईसाई, पारसी, सिख सभी हैं. सिर्फ मुस्लिम नहीं है. क्योंकि इन तीनों देशों में ये 6 धर्म के लोग धार्मिक प्रताड़ना से जूझ रहे हैं.

6 धर्म के लोगों को नागरिकता दे रहे, इस पर विपक्ष खुश नहीं- अमित शाह

अमित शाह ने राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि 6 धर्म के लोगों को ला रहे हैं, इस पर कोई बात नहीं कर रहा. मगर विपक्ष सिर्फ इस मुद्दे पर टिका हुआ है कि इस बिल में मुस्लिम क्यों नहीं है.

अमित शाह का संबोधन शुरू

राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पर गृह मंत्री अमित शाह का संबोधन शुरू हो चुका है, नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर आप अमित शाह का भाषण लाइव देख सकते हैं-

नागरिकता संशोधन विधेयक को जांच परख कर सदन में पेश किया- रविशंकर प्रसाद

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा मे नागरिकता संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि सभी बिल विधायी विभाग द्वारा जांच परख कर ही सदन में पेश किए जाते हैं. इस बिल के भी सभी कानूनी पहलुओं को जांचा परखा गया है.

राष्ट्रपति ने मणिपुर में इनर लाइन परमिट एक्सटेंड करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मणिपुर में इनर लाइन परमिट को बढ़ाने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. मणिपुर के अलावा अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और नागालैंड में इनर लाइन परमिट को मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है.

उम्मीद है शिवसेना विधेयक के लिए करेगी मतदान: बालासाहेब थोरात

महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात ने कहा, हमारा देश संविधान द्वारा शासित है और संविधान समानता के सिद्धांत पर आधारित है. हम उम्मीद करते हैं कि शिवसेना राज्यसभा में विधेयक के लिए मतदान करेगी.

लोकसभा में जो था वहीं है रुख: प्रसन्ना आचार्य

बीजेडी नेता प्रसन्ना आचार्य ने कहा, हमारा रुख वही है जो लोकसभा में था. हम बिल का समर्थन कर रहे हैं लेकिन हम चाहते हैं कि बिल में कुछ संशोधन हो जैसे श्रीलंका में.

असम और त्रिपुरा में सुरक्षा बढ़ाई गई

भारतीय सेना ने जानकारी दी कि त्रिपुरा और असम में अब तक नागरिक प्रशासन द्वारा अपेक्षित तीन सेना कॉलम तैनात हैं. त्रिपुरा में दो कॉलम तैनात हैं और तीसरा असम में स्टैंडबाय पर है.

देश में हमारी धर्मनिरपेक्षता नीति को कमजोर करेगा: डी कुपेंद्र रेड्डी

डी कुपेंद्र रेड्डी ने राज्यसभा में कहा, यह विधेयक इस देश में हमारी धर्मनिरपेक्षता नीति को कमजोर करेगा. मैं इस विधेयक का कड़ा विरोध करता हूं. मेरा सुझाव है कि विधेयक को जांच के लिए संसद की एक प्रवर समिति को भेजा जाए.

असम में विरोध प्रदर्शन हुआ हिंसक

असम में विरोध प्रदर्शन सचिवालय के बाहर हिंसक हो गया है. मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल गुवाहाटी हवाई अड्डे पर फंसे हुए हैं.

वाईएसआर कांग्रेस ने किया समर्थन

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी नेता, वी विजयसाई रेड्डी ने कहा, हमारी पार्टी नागरिकता संशोधन विधेयक का समर्थन करती है.

कमल हासन ने कहा, संविधान में संशोधन करने का प्रयास एक विश्वासघात

एमएनएम नेता कमल हासन ने कहा, भारत को एक संप्रदाय के लिए एक देश बनाने की कोशिश करना बेवकूफी है. यंग इंडिया जल्द ही ऐसी योजनाओं को खारिज कर देगा. यह आपकी पुरानी योजनाओं के लिए आदिम भारत नहीं है. हमारा कर्तव्य है कि अगर कोई त्रुटि हुई तो संविधान में संशोधन करना, लेकिन निर्दोष संविधान में संशोधन करने का प्रयास एक विश्वासघात है. एक स्वस्थ व्यक्ति पर सर्जरी का प्रयास करने के अपराध के लिए केंद्र का कानून और योजना एक समान है. प्रयास करने वाले और असफल होने वाले फिर से प्रयास कर रहे हैं.

महात्मा गांधी और भगत सिंह के सपनों के भारत के खिलाफ है विधेयक: संजय सिंह

राज्यसभा में आप नेता, संजय सिंह ने कहा, मैं इस विधेयक का विरोध कर रहा हूं क्योंकि यह बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के खिलाफ है. यह संविधान की प्रस्तावना के खिलाफ है. यह महात्मा गांधी और भगत सिंह के सपनों के भारत के खिलाफ है.

एनपीएफ, केजी केन्ये ने कहा, मैं इस बिल का समर्थन करता हूं

एनपीएफ, केजी केन्ये ने कहा, मैं इस बिल का समर्थन करता हूं. उत्तर-पूर्व में लोगों के पास कोई धार्मिक पूर्वाग्रह नहीं है और वे सांप्रदायिक नहीं हैं. यह धर्म, अल्पसंख्यक या बहुसंख्यक समुदायों के बारे में नहीं है. यह गैर-कानूनी प्रवासी हैं जो हमारे क्षेत्र में आ गए हैं और हमारी आबादी पर चलने की धमकी दे रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट के जज इसे करेंगे खत्म: पी चिदंबरम

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा, यह एक दुखद दिन है कि निर्वाचित सांसदों को कुछ असंवैधानिक करने के लिए कहा जा रहा है. विधेयक वर्तमान में असंवैधानिक है. सरकार का कहना है कि 130 करोड़ पीपीएल उनका समर्थन कर रहे हैं, लेकिन पूरा पूर्वोत्तर आग की लपटों में है. यह बिल संसद में पास होने पर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी. मुझे पूरा यकीन है कि सुप्रीम कोर्ट के जज इसे खत्म कर देंगे.

अगर विधेयक हुआ पारित तो इतिहास में बनेगा काला अध्याय: वाइको

राज्यसभा में एमडीएमके नेता वाइको ने कहा, यदि यह अप्रिय, घृणित, अलोकतांत्रिक, अनुचित, अनुचित, अनुचित, असंवैधानिक विधेयक इस राज्य परिषद में आज पारित हो जाता है, तो यह इस उच्च सदन के इतिहास में एक काला अध्याय बन जाएगा.

असम में विरोध जारी

असम के गुवाहाटी में नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ आंदोलन का विरोध जारी है. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे.

कपिल सिब्बल ने कहा, दो-राष्ट्र सिद्धांत हमारा सिद्धांत नहीं

अमित शाह ने कहा था सीएबी की जरूरत नहीं होती अगर कांग्रेस ने धर्म के आधार पर विभाजन की अनुमति नहीं दी होती. इसके जवाब में कपिल सिब्बल ने कहा, मुझे समझ नहीं आता कि गृह मंत्री ने कौन सी इतिहास की किताबें पढ़ी हैं. दो-राष्ट्र सिद्धांत हमारा सिद्धांत नहीं है. यह सावरकर द्वारा बनाई गई थी. मैं गृह मंत्री से अनुरोध करता हूं कि उस आरोप को वापस लें क्योंकि हम कांग्रेस को उस एक राष्ट्र में मानते हैं, आप उस पर विश्वास नहीं करते हैं. जिनके पास भारत का कोई विचार नहीं है, वे भारत के विचार की रक्षा नहीं कर सकते.

मीर एम फैयाज ने कहा हम कर रहें विधेयक का विरोध

जम्मू और कश्मीर पीडीपी नेता, मीर एम फैयाज ने राज्यसभा में कहा, मैं इस विधेयक का विरोध करने के लिए खड़ा हुआ हूं. जब से यह सरकार सत्ता में आई है, तब से इसने ट्रिपल तालाक और आर्ट 370-मुसलमानों जैसे बिलों को लक्षित किया है. ये सरकर जब से बनी है ये मुसलमान के पीछे पड़ी है.

कपिल सिब्बल ने कहा, राजनीति से ऊपर उठें

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने राज्यसभा में कहा, दो-राष्ट्र सिद्धांत सावरकर द्वारा बनाए गए थे. हिस्टोरिक बिल चूंकि आप इतिहास बदलने वाले हैं. यह बिल 2-राष्ट्र सिद्धांत को कानूनी रंग देता है. राजनीति से ऊपर उठें. आप इस देश के भविष्य को नष्ट कर रहे हैं.

एआईएडीएमके ने किया सीएबी का समर्थन

तमिलनाडु के मंत्री और एआईएडीएमके नेता डी जयकुमार ने कहा, विधेयक श्रीलंकाई तमिलों और तमिलनाडु के खिलाफ नहीं है. हम संसद में सीएबी का समर्थन करते हैं.

जल्दबाजी में ला रहे हैं विधेयक: राकांपा

राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा, नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 को बहुत जल्दबाजी में लाया जा रहा है. सरकार अधिक विचार-विमर्श के लिए बिल को चयन समिति के पास जाने देने का विरोध क्यों कर रही है?

बीएसपी ने किया विरोध

बीएसपी नेता, सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा, हमारी पार्टी ने नागरिकता आंदोलन 2017 का विरोध किया. आप मुसलमानों को छोड़कर अनुच्छेद 14 का उल्लंघन क्यों कर रहे हैं? मुसलमानों को बाहर रखा जाना इस पूरे कृत्य की एकमात्र समस्या है. एक तरह से हम इस तथ्य का स्वागत करते हैं कि गृह मंत्री पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में अल्पसंख्यकों के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन हम इस बिल के विरोध में हैं क्योंकि यह धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है.

क्या शरणार्थियों को मिलेंगे वोटिंग अधिकार?: संजय राउत

संजय राउत ने राज्यसभा में कहा, मज़बूत पीएम और गृह मंत्री पर हमारी आशा है. क्या इस बिल के पास होने के बाद आप गुस्पेठियों को बहार निकालेंगे? अगार शरणार्थियों को स्विकार करते हैं तो उसपर रजनीति नहीं होनी चाहिए. क्या अनको वोटिंग अधिकार मिलेंगे?

बालासाहेब ठाकरे हैं हमारे स्कूल के हेडमास्टर: संजय राउत

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, राज्यसभा में ये अलग-अलग विचार, हमारे लोकतंत्र का एक उदाहरण हैं. कल से मैं सुन रहा हूं कि जो कोई भी सीएबी का समर्थन नहीं करता है वह राष्ट्र विरोधी है. हमें राष्ट्रवाद पर किसी से भी मान्यता की जरूरत नहीं है. राष्ट्रवाद पर किसी सबक की जरूरत नहीं है. हमारे स्कूल के हेडमास्टर बालासाहेब ठाकरे हैं. अगर हम उन लोगों को स्वीकार कर रहे हैं जिन्होंने हमारे साथ शरण ली है, तो हमें घुसपैठियों को भी हटाना होगा. किसी से भी राष्ट्रवाद पर कोई मान्यता या सबक की जरूरत नहीं है. क्या भारत द्वारा स्वीकार किए गए करोड़ों लोगों के पास वोटिंग अधिकार होंगे?

हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए है विधेयक: पी चिदंबरम

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा, यह सरकार अपने हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए इस विधेयक के माध्यम से आंदोलन कर रही है. यह एक दुखद दिन है. मैं पूरी तरह से स्पष्ट हूं कि इस कानून को खत्म किया जाएगा.

सचिन पायलट ने कहा, ये बहुमत बनाम नैतिकता

राजस्थान के उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा, स्वतंत्र भारत में पहली बार, धर्म के आधार पर नागरिकता तय करने का मुद्दा सामने आया है. मुझे नहीं लगता कि बिल न्यायिक जांच पास करेगा. यह बहुमत बनाम नैतिकता है.

अशोक गहलोत ने किया विरोध प्रदर्शन

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर में नागरिकता संशोधन के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन किया.

बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने किया समर्थन

असम बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के बिश्वजीत दैमारी ने कहा, हम नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 का समर्थन करते हैं.

डीएमके ने किया विरोध

राज्यसभा में डीएमके नेता टी सिवा ने कहा, यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो यह हमारे धर्मनिरपेक्षता के लिए एक आघात होगा. आप (भाजपा) के पास देश के सभी नागरिकों को न्यायोचित ठहराने और एक वर्ग को अलग न रखने और उन्हें पीड़ित महसूस कराने का जनादेश है.

माकपा ने किया विरोध

माकपा नेता, टीके रंगराजन ने राज्यसभा में कहा, मान लीजिए कि आप कानून बनाते हैं, तो अल्पसंख्यकों पर होने वाले किसी भी नतीजे के लिए कौन जिम्मेदार होगा? इसलिए मेरी पार्टी इसका विरोध करती है. देश को खराब मत करो, संविधान को मत खराब करो, यही मेरा अनुरोध है.

अन्नाद्रमुक ने किया समर्थन

अन्नाद्रमुक नेता एसआर बालासुब्रमण्यम ने कहा, हमें कुछ चिंताएं हैं लेकिन कुल मिलाकर हम इस बिल का समर्थन कर रहे हैं.

सीएबी वापस लें: तेलंगाना राष्ट्र समिति

तेलंगाना राष्ट्र समिति के डॉ केशव राव ने कहा, यह विधेयक भारत के विचार को चुनौती देता है और न्याय के प्रत्येक आदर्श को नकारता है. इस बिल को सीएबी वापस लेना चाहिए.

जेडीयू नेता ने किया समर्थन

राज्यसभा में जेडीयू नेता आरसीपी सिंह ने कहा, हम इस बिल का समर्थन करते हैं. यह बिल बहुत स्पष्ट है, यह हमारे तीन निगोरबिंग देशों से उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देता है, लेकिन यहां हमारे भारतीय मुस्लिम भाइयों पर बहस चल रही है.

राज्यसभा में शिवसेना करेगी विधेयक का विरोध

लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक के पक्ष में मतदान के एक दिन बाद राज्यसभा में शिवसेना इसका विरोध करेगी.

सरकार कर रही जिन्ना का सपना पूरा: सपा नेता

राज्यसभा में समाजवादी पार्टी नेता जावेद अली खान ने कहा, हमारी सरकार इस सीएबी और एनआरसी के माध्यम से जिन्ना के सपने को पूरा करने की कोशिश कर रही है. याद कीजिए, 1949 में सरदार पटेल ने कहा था कि हम भारत में वास्तव में धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र की नींव रख रहे हैं.

नागरिकता संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए छह घंटे आवंटित: हरिवंश, राज्यसभा उपाध्यक्ष

हरिवंश, राज्यसभा उपाध्यक्ष ने कहा, व्यापार सलाहकार समिति ने नागरिकता संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए छह घंटे आवंटित करने का निर्णय लिया है. चर्चा में 48 वक्ता भाग ले रहे हैं.

गलत तस्वीर हो रही पेश: जेपी नड्डा

भाजपा नेता जेपी नड्डा ने कहा, एक तस्वीर पेश की जा रही है जैसे कि भारत हमारे अपने लोगों के साथ भेदभाव कर रहा है. यह बिल्कुल गलत है.

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