नई दिल्ली: देश की विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं में जारी आंतरिक और आपसी टकराव के बीच एक नया मामला सामने आया है. केंद्रीय सूचना आयोग ने चुनाव आयोग को एक आरटीआई एक्टिविस्ट की ऑनलाइन एप्लीकेशन पर जानकारी न देने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है और कहा कि 15 दिनों में आरटीआई एक्टिविस्ट को जानकारी दी जाए. बता दें कि नीरज शर्मा नाम के आरटीआई एक्टिविस्ट ने ऑनलाइन एप्लीकेशन दाखिल कर चुनाव आयोग से अब तक खरीदी गई ईवीएम मशीनों का हिसाब-किताब मांगा था. इसके अलावा नीरज ने अपनी एप्लीकेशन में बीते दिनों में विभिन्न राज्यों के चुनावों के दौरान ईवीएम में हुई गड़बड़ियों को लेकर भी सवाल पूछा था.

इस पर चुनाव आयोग ने जवाब देते हुए कहा था कि उसके लिए आरटीआई का ऑनलाइन जवाब देना संभव नही है. इस पर केंद्रीय सूचना आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए न केवल चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया बल्कि ये भी कहा कि सूचना का अधिकार कानून के तहत मांगी गई जानकारी का ऑनलाइन जवाब देने के लिए खास अभियान भी चलाए. बता दें कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चुनाव आयोग के पास फिलहाल 2000 आरटीआई एप्लीकेशंस पेंडिंग हैं, जिनका जवाब दिया जाना अभी बाकी है. बता दें कि देश में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विभिन्न सेवाओं को ऑनलाइन करने के लेकर लंबे समय से अभियान चलाया जा रहा है. डिजिटल इंडिया के नाम से चलाए जा रहे इस अभियान को लेकर इसे एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है.

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