नई दिल्ली. वक्त के साथ मिलेनियल्स यानी इंटरनेट और मोबाइल फोन के दौर में पैदा हुए बच्चों से बचपन छूटता जा रहा है. वे घर से बाहर मैदान में खेलने की जगह ज्यादा वक्त मोबाइल, कंप्युटर और टीवी जैसे गैजेट्स पर गुजारने लगे हैं. ऐसे में यह बताना जरूरी है कि रोज थोड़ा-सा व्यायाम उनकी जिंदगी में कैसे बड़ा बदलाव ला सकता है. जरूरी नहीं कि कोई खास तरह का ही व्यायाम किया जाए. आवश्यकता है फिजिकल एक्टिविटी की. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट कहती है, ‘फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण बच्चों में मोटापा और फिर डायबिटीज के मामले में बढ़ रहे हैं.’ वहीं अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, ‘सामान्य सेहतपूर्ण जीवन के लिए जरूरी है कि माता-पिता अपने बच्चों को सही फिजिकल एक्टिविटी के बारे में बताएं. स्कूल भी इसके लिए बच्चों को प्रोत्साहित करें.’ यहां जानिए बच्चों में नियमित व्यायाम के फायदों के बारे में –

रेग्युलर एक्सरसाइज से दिमाग तेज होता है
यूनाइटेड नेशन्स पब्लिक हेल्थ एजेंसी के अनुसार, जो बच्चे फिजिकली एक्टिव रहते हैं, उन्हें कभी नींद की कमी महसूस नहीं होती. भरपूर नींद लेने से वे तरोताजा रहते हैं. ऐसे बच्चों में कभी ब्लड शूगर, हार्ट या लंग्स यानी फेफड़ों की बीमारी नहीं होगी. शुरू से शरीर में ऑक्सीजन प्रवाह अच्छा रहेगा, तो वह बढ़ती उम्र में भी सेहतमंद बने रहेंगे। ऐसे बच्चों की हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत रहेंगी। एनर्जी लेवल बना रहेगा.

एक्सरसाइज का असर दिमाग के काम करने की क्षमता पर पड़ता है. नियमित व्यायाम करने वाले बच्चों की थिंकिंग स्किल्स कभी घटती नहीं है. व्यायाम के बाद ज्यादा रक्त प्रवाहित होकर मस्तिष्क के उस हिस्से को पहुंचता है जिसे हिप्पोकम्पस कहा जाता है. व्यायाम से यह हिस्सा खुला रहता है, जो मैमरी बढ़ाने में सहायक होता है.

Alos read ये भी पढ़ें- सेहत के मोर्चे पर फिसड्डी नजर आ रही इंटरनेट युग की नई पीढ़ी

बच्चों के मूड पर असर
मेडिकल जर्नल ‘प्रोसिडिंग्स ऑफ द नेशनल अकादमी ऑफ साइंसेस’ में इसी वर्ष प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि जो बच्चे व्यायाम करते हैं, वो शांत रहते हैं. इसीलिए यदि कोई बच्चा चिड़चिड़ा है, तो सबसे आसान उपाय है उससे फिजिकल एक्टिविटी करवाइये। इस थ्योरी के अनुसार, व्यायाम से शरीर में बीटा-एंडोर्फिन हार्मोन निकलता है जो मॉर्फिन की तुलना में काफी ज्यादा शक्तिशाली है. यही नहीं, सेंट्रल नर्वस सिस्टम में सेरोटॉनिन नामक हार्मोन की मात्रा बढ़ाता है। हमें जो अच्छी फीलिंग्स आती हैं, उसके पीछे यही हार्मोन होता है. सेरोटॉनिन के कारण ही बच्चों को भूख लगती है और उनका डिप्रेशन कंट्रोल में रहता है. व्यायाम करने वाले जिन बच्चों का वजन संतुलित होता है, वे खुद को दूसरे से बेहतर महसूस करते हैं जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है.

बच्चे बार-बार बीमार नहीं होंगे
एक्सरसाइज शरीर में उर्जा के स्तर को बढ़ाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार है. ऐसे बच्चे बीमार नहीं पड़ते हैं. साथ ही यह शारीरिक दर्द से छुटकारा दिलाने में मदद करती है. इससे पीठ दर्द और हाथ पैरों में दर्द व खिंचाव होने की समस्या से निजात मिलता है.

यूएस डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विस के अनुसार, अमेरिका में बच्चों की मौत का एक प्रमुख कारण हार्ट संबंधी बीमारियां भी हैं. यदि बच्चों को नियमित एक्सरसाइज करवाई जाए तो उनका हार्ट मजबूत होगा.

डायटिंग से ज्यादा फायदेमंद एक्सरसाइज
बच्चों में भी मोटापा महामारी का रूप धारण कर चुका है. यदि नियमित व्यायाम करेंगे तो इससे बचे रहेंगे. यह अच्छी तरह साबित हो चुका है कि शरीर की निष्क्रियता मोटापे का सबसे बड़ा कारण है. दरअसल, शरीर तीन तरह से एनर्जी खर्च करता है; 1. खाना पचा कर 2. वर्जिश करके और 3. शरीर के जरूरी काम करके जैसे हृदय की धड़कन और सांस चला कर. डायटिंग में शरीर में कैलोरी की मात्रा घटती है. इससे मेटाबोलिक रेट घटता है और वजन कम होता है. वहीं, नियमित व्यायाम से मेटाबोलिक रेट बढ़ता है. इसके कैलोरी बर्न होगी और वजन घटेगा. इसलिए वजन घटाने के लिए डायटिंग करने से अच्छा है रोज कसरत करना.

एक्सरसाइज से रूप निखरता है
हर कोई सुदंर दिखना चाहता है और नियमित व्यायाम इसका सबसे बड़ा फॉर्मूला है. वास्तव में शरीर से निकलने वाला ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस त्वचा को प्रभावित करता है. इसका समाधान यह है कि रोज थोड़ा-थोड़ा व्यायाम करें, इससे शरीर में नेचुरल एंटी ऑक्सिडेंट बनेंगे जो कोशिकाओं को होने वाले नुकसान की भरपाई करेंगे. नियमित व्यायाम रक्त प्रवाह को नियंत्रित करता है. इससे त्वचा स्वस्थ्य रहती है.

अधिक जानकारी के लिए देखें: www.myupchar.com/disease/children-dehydration

स्वास्थ्य आलेख www.myUpchar.com द्वारा लिखे गए हैं, जो सेहत संबंधी भरोसेमंद जानकारी प्रदान करने वाला देश का सबसे बड़ा स्रोत है। इसे जरूर देखें और वीडियो के लिए सब्सक्राइब करें https://www.youtube.com/c/myUpchar

Savarkars Grandson on Bharat Ratna for Veer Savarkar: वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग पर उनके पोते बोले इंदिरा गांधी भी थीं सावरकर की फॉलोअर

What is RBI Deposit Insurance Cover Scheme: क्या है रिजर्व बैंक का डिपॉजिट इंश्योरेंस कवर जिसमें सरकारी, प्राइवेट, कोऑपरेटिव बैंक डूबने पर ग्राहकों को मिलती है 1 लाख भुगतान की गारंटी

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App