नई दिल्ली, भारत और चीन के बीच सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों को लेकर लगातार विवाद बना हुआ है. ऐसे में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत ने कहा कि भारत के लिए इस वक़्त सबसे बड़ा खतरा चीन ही है. लेकिन हम चीन के हरेक नापाक इरादों को ध्वस्त करने में पूरी तरह सक्षम हैं.

भारत के लिए चीन सबसे बड़ा खतरा, किसी भी दुस्साहस से निपटने को तैयार: जनरल बिपिन रावत

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत ने एक मीडिया कॉन्क्लेव में कहा कि चीन भारत की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है. पिछले साल सीमा की सुरक्षा के लिए भेजे गए हजारों सैनिक और हथियार लंबे समय तक बेस पर नहीं लौट पाएंगे. उन्होंने बीते दिन बताया कि ‘विश्वास’ की कमी और बढ़ते ‘संदेह’ के कारण परमाणु हथियारों से लैस दोनों पड़ोसी देशों (भारत-चीन) के बीच सीमा विवाद नहीं सुलझ पा रहा. बीते महीने, भारतीय और चीनी सैन्य कमांडरों के बीच 13वें दौर की वार्ता गतिरोध के साथ समाप्त हुई क्योंकि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत नहीं हो सके कि सीमा से कैसे पीछे हटना है.

पाकिस्तान से हटकर चीन पर है भारत सरकार का फोकस

बता दें कि बीते साल जिस तरह से घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के हिंसक झड़प हुई थी उसके बाद से ही मोदी सरकार का फोकस पाकिस्तान ने नापाक इरादों और आतंकी साजिश से हटकर चीन के दुस्साहस की और आ गया है. बीते साल ही हुई सैनिक झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे. वहीँ, चीन के चार सैनिकों सैनिकों की मौत हुई थी.

दोनों देश बढ़ा रहे हैं सेना और हथियार

कॉन्क्लेव में जनरल बिपिन रावत ने कहा रावत ने बताया कि लद्दाख में एलएसी पर हुए इस संघर्ष के बाद से चीन और भारत सीमा पर सैनिक, हथियार और बुनियादी ढांचा तेजी से बढ़ा रहे हैं. भारत सीमा और समुद्र में किसी भी दुस्साहस से निपटने के लिए तैयार है. चीनी संभवत: गांव LAC बसा रहे हैं. जहां भविष्य में नागरिकों को बसाया जा सकता है या फिर सेना के ठिकानों के तौर पर इनका इस्तेमाल हो सकता है. चीन ने ये कदम दोनों देशों के बीच हुई तनातनी के बाद उठाया है.

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