Chhath Puja Arag Time 2020: चार दिनों तक चलने वाले छठ महापर्व की शुरूआत हो चुकी है. छठ व्रतियों ने आज ढलते हुए सूर्य को अर्ध्य दिया और अब शनिवार को उगते हुए सूर्य को अर्ध्य के साथ ही ये व्रत संपन्न हो जाएगा. हालांकि इस साल कोरोना महामारी के चलते देश के कई इलाकों में व्रतियों को घाट पर जाने से मना किया गया है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वो घर पर रहकर ही छठ मनाएं. बिहार और यूपी के कई इलाकों से घाट किनारे लोगों के छठ मनाने की तस्वीरें आ रही हैं. 20 नवंबर सुबह 6:48 बजे सुर्योदय होगा. सूर्य को अर्ध्य देने का शुभ मुहूर्त भी 6:48 बजे का बताया जा रहा है. हालांकि व्रती सुबह से ही जल में उतरकर भगवान सूर्य और छठी मैया की आराधना करेंगी. इस दौरान घाट पर छठी मैया के गीत गाए जाएंगे और उनसे परिवार के सुख शांति की कामना की जाएगी.

छठ पूजा का मुख्य दिन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी का दिन होता है जिस दिन छठ पूजा की जाती है. इसी दिन से छठी मैया के व्रत की शुरूआत होती है. षष्ठी के दिन भगवान सूर्य को संध्या अर्ध्य अर्पित किया जाता है और अगले दिन सूर्योदय के अर्ध्य के बाद व्रत संपन्न होता है. छठी मैया को सुबह दूध और जल से अर्ध्य दिया जाता है. सूप पर दूध डालकर भगवान सूर्य को अर्ध्य समर्पित किया जाता है. भगवान सूर्य को जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे का इस्तेमाल करना चाहिए. सूर्य को जल अर्पित करते समय सीधे भगवान सूर्य को नहीं देखना चाहिए बल्कि गिरते जल की धारा के भीतर से भगवान सूर्य के दर्शन करने चाहिए.

भगवान सूर्य को जल अर्पित करते हुए ये तीन मंत्रों का निरंतर जाप करना चाहिए ये मंत्र हैं ऊं सूर्याय नम:, ऊं आदित्याय नम:, ऊं भास्कराय नम: अगर आप भगवान सूर्य को सच्चे दिल से जल अर्पित करते हैं और उनसे अपने लिए सुख संमृद्धि की कामना करते हैं तो भगवान सूर्य आपके जीवन में हमेशा कृपा बनाए रखेंगे.

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