नई दिल्ली. छठ पूजा ( Chhath Puja 2021 ) का त्यौहार आ गया है, यह पर्व चार दिनों का होता है. इस त्यौहार में साफ़-सफाई का विशेष तौर पर ध्यान रखा जाता है. इस त्यौहार में सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है. इस त्यौहार में सूर्य देव की उपासना करने से घर धन-धान्य से परिपूर्ण रहता है. महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए भी यह व्रत रखती हैं. छठ का व्रत काफी कठिन माना जाता है. छठ पूजा के चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है, इस अर्घ्य की विशेष मान्यता है. 

सूर्य अर्घ्य का शुभ मुहूर्त

कल छठ पूजा का चौथा और आखिरी दिन है, इसी दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. इसे पारण तिथि भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन ही महिलाएं अपने व्रत का पारण करती हैं. सूर्य को अर्घ्य देने के बाद महिलाएं अपना छठ का व्रत खोलती हैं. कल यानी छठ पूजा के चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने का शुभ मुहूर्त सुबह 6:41 पर है.

इस दिन भोर से ही घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है. इस दिन महिलाएं ताम्बे के पात्र में सूर्यदेव को अर्घ्य देती हैं. बता दें कि सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए सूर्योदय से पूर्व शुद्ध होकर स्नान कर लें. इसके बाद उदित होते सूर्य के समक्ष जल में खड़े हो जाएं. फिर अर्घ्य देने के लिए तांबे के लौटे में लाल फूल, कुमकुम, हल्दी आदि डालकर सूर्य को यह जल अर्पित करते हैं.

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