नई दिल्ली, साल का पहला चंद्रग्रहण 16 मई को लगने वाला है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह चंद्रग्रहण वैशाख पूर्णिमा पर विशाखा नक्षत्र और वृश्चिक राशि में लगने वाला है. इस दिन बुद्ध पूर्णिमा भी लग रही है, बुद्ध पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण दोनों परिघ योग में लगने वाले हैं. ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि 80 सालों बाद बनने ग्रह-नक्षत्रों का ऐसा संयोग बनने जा रहा है. बता दें चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल लगता है. सूतक काल के दौरान किसी भी प्रकार का मांगलिक कार्य करना अशुभ माना जाता है.

इस राशि में लगेगा ग्रहण

साल का यह पहला चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि में लगने वाला है. इस दौरान वृश्चिक राशिवालों के जीवन में कई तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे. बता दें राशि में ग्रहण का लगना शुभ नहीं माना जाता है इसलिए इस दौरान वृश्चिक राशि के लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

भारत में चंद्र ग्रहण का समय

भारतीय समय के मुताबिक, साल का यह पहला चंद्र ग्रहण 16 मई 2022 को सुबह 8 बजकर 59 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 23 मिनट कर लगेगा. गौरतलब है, इस पूरे साल में कुल 2 चंद्र ग्रहण लगने वाले हैं और यह दोनों ही पूर्ण चंद्र ग्रहण होंगे.

सूतक काल

साल का ये पहला चंद्र ग्रहण दक्षिण-पश्चिमी यूरोप, दक्षिण-पश्चिमी एशिया, अफ्रीका, अधिकांश उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, अटलांटिक और अंटार्कटिका में दिखाई देने वाला है. भारत में इस चंद्र ग्रहण की दृश्यता शून्य होने के कारण भारत में ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा.

बता दें साल के पहले चंद्रग्रहण पर कर्क राशि वालों को संभलकर रहना चाहिए, इस दौरान कर्क राशि के जातकों को संतान से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. बच्चों के करियर और स्वास्थ्य के लिहाज से यह ग्रहण उनके लिए शुभ नहीं है. इस दौरान कर्क राशि वालों के खर्चे बढ़ सकते हैं और उन्हें धन संचय करने में दिक्कत आ सकती है.

 

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