श्रीनगर. जम्मू कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और पीडीपी गठबंधन टूट गया है, सरकार द्वारा सीजफायर रोके जाने के बाद पीडीपी और बीजेपी के बीच में ये खटास आई जिसके बाद भाजपा ने पीडीपी के साथ गठबंधन तोड़ दिया है. बता दें इस नराज की वजह से हाल में ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और एनएसए अजीत डोभाल के बीच में बैठक हुई थी. वर्तमान में जम्मू कश्मीर में महबूबा मफ्ती की सरकार थी. जिसमें भाजपा के सहयोग से पीडीपी और बीजेपी राज्य सरकार थी जिसमें पीडीपी की मुख्यमंत्री और बीजेपी के उपमुख्यमंत्री कवींद्र गुप्ता हैं.

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा कट्टरपंथी बढ़ रही है, घाटी में बोलने की आजादी खतरे में पड़ गई है. गठबंधन का एजेंडा ड्राफ्ट किया गया था. हमने पीडीपी के साथ सरकार चलाने की बहुत कोशिश की, पिछले तीन सालों से राज्य को सही तरीके से चलाने की बीजेपी ने पूरी कोशिश की, घाटी में शांति रही साथ ही विकास कार्य भी हुए. वर्तमान हालातों को देखते हुए बीजेपी के लिए पीडीपी से गठबंधन जारी रखना बहुत मुश्किल हो गया था.

आगे उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कई पहल की, आपसी मतभेदों को दूर करने के लिए वार्ताकार भी नियुक्त किया, बॉर्डर पर रह रहे लोगों की सुरक्षा के लिए 4000 बंकर भी बनाए. लेकिन मुझे बताते हुए दुख हो रहा है कि राज्य नेतृत्व इस दौरान पूरी तरह नाकाम साबित हुआ.बतौर राम माधव बीजेपी के मंत्रियों को जम्मू और लद्दाख के इलाकों में विकास कार्य करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता था. ये फैसला भारत के हित में लिया गया है. उसकी अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए लिया गया है. हमने फैसला किया है कि अब वक्त आ गया है कि राज्यपाल को जम्मू-कश्मीर की सत्ता सौंप दी जाए.

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