नई दिल्ली : 1 फरवरी 2021 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस साल का बजट पेश करने वाली है. इस साल के बजट से सभी को बहुत उम्मीदें हैं. जिसके चलते सभी की नजरें बजट पर बनी हुई है. दरअसल, कोरोना महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था में सुस्ती का दौर जारी है. लॉकडाउन की वजह से महीनों कारोबार बंद रहे. जिसके चलते नौकरियां गईं और व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा. इन सब चीजों का सीधा असर लोगों की कमाई पर पड़ा. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सरकार इस बजट में कुछ खास प्रावधान करेगी. वहीं आम आदमियों को भी सरकार से खास उम्मीदें हैं

बताया जा रहा है कि इस साल के बजट में इकनॉमी की ग्रोथ की गति तेज हो सकती हैऔर हेल्थ के मोर्चे पर लोगों की चिंताएं खत्म होंगी. वहीं शेयर बाजार ने हाल ही में चमत्कारी 50000 का आंकड़ा छुआ है. हालांकि, विभिन्न आर्थिक पैकेजों और राहत उपायों की घोषणा सरकार द्वारा की गई है.

लोगों को होम लोन के प्रिंसिपल रिपेमेंट पर छूट बढ़ने की उम्मीद है. साथ ही लोगों की मांग है कि इस रूप में मिलने वाली 1.5 लाख रुपये की छूट को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के दायरे से बाहर किया जाए, जिससे इसका पूरा फायदा लिया जा सके.वहीं लोगों की मांग है कि सेक्शन 80सी के तहत इंश्योरेंस प्रीमियम, होम लोन के प्रिंसिपल रिपेमेंट, एफडी, पीएफ आदि पर 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है, जिस बढ़ाया जाए

इसके अलावा लिस्टेड इक्विटी शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंडों की बिक्री पर होने वाली आय से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर टैक्स छूट की लिमिट एक लाख है, लेकिन एक लाख से अधिक के लाभ पर 10% टैक्स और सेस व सरचार्ज लगता है. रीटेल निवेशकों के लिए सरकार को लॉन्ग टर्म कैपिटन गेन्स पर टैक्स छूट की लिमिट को बढ़ाकर दो लाख रुपये कर देना चाहिए.

(लेखक MNC एडवायजरी फर्म के सीईओ हैं और ये उनक व्यक्तिगत विचार हैं।)

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