नई दिल्ली : आज यानी 1 फरवरी, दिन सोमवार को वित्त मंत्री मिर्मला सीतारमण आम बजट पेश करने जा रही हैं. जिस पर सभी की नजरें बनी हुई है. कोरोना काल के बाद यह देश का पहला बजट है. जो पूरी तरह से पेपरलेस होगा. इस साल के बजट को ‘आर्थिक वैक्सीन’ के नाम से भी पुकारा जा रहा है. यह बजट किसान आंदोलन के बीच पेश हो रहा है, इसलिए संसद के बजट सत्र में किसानों का मुद्दा ज्यादा सुर्खियों में रहने की उम्मीद है. जिसके चलते बजट सत्र में कटौती कर दी गई है और संसद के बजट सत्र का पहला चरण 15 फरवरी के बजाए अब 13 फरवरी को संपन्न होगा. बता दें कि इस बार भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करने के लिए कुछ खास बदलाव किए हैं, जिनमें से एक है स्वदेशी बहीखाते की बजाए मेड इन इंडिया टैबलेट के जरिए बजट पेश करना.

मेड इन इंडिया ‘टैबलेट’ से पेश होगा आम बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019 में अपने पहले बजट में चमड़े के पारंपरिक ब्रीफकेस को बदल दिया था और लाल कपड़े में लिपटे ‘बही-खाते’ के रूप में बजट दस्तावेजों को पेश किया था. वहीं इस बार वो बजट को मेड इन इंडिया ‘टैबलेट’ से पेश करने वाली हैं. बता दें कि उन्होंने इस महीने की शुरुआत में ही कहा था कि अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष का बजट इस तरीके का होगा, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया. इस बार कोरोना के चलते डिजिटल बजट ही रखा गया है. सीतारमण आज लाल रंग के कवर वाला टैबलेट, जिसपर भारत का राष्ट्रीय चिन्ह बना हुआ है, वो लेकर पहुंची हैं.

गौरतलब है कि निर्मला सीतारमण 11 बजे संसद में अपना बजट भाषण देना शुरू करेंगी. इससे पहले वो राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने पहुंची थीं. नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के बीच कृषि क्षेत्र पर नजरें हैं. देखना है कि सरकार एग्री सेक्टर को क्या देती है. वहीं, कोरोनावायरस महामारी के चलते ऐसा माना जा रहा है कि सरकार हेल्थ सेक्टर और इसके इंफ्रा पर भी खर्चे करने के फैसले ले सकती है.

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