नई दिल्लीः वित्त मंत्री अरुण जेटली 1 फरवरी को बजट पेश करने की तैयारी कर रहे हैं. इसके लिए 20 जनवरी को हलवा रस्म भी हो चुकी है. वित्त मंत्रालय में लगातार प्री-बजट मीटिंग हो रही हैं. आम आदमी को इस बार बजट में राहत मिलने की उम्मीद नजर आ रही है. दरअसल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) को लेकर सरकार के तीन बार रोल बैक पर अभी भी लोगों की निगाहें गढ़ी हुई हैं. वहीं बजट में इस बार इन्कम टैक्स, कृषि, इंश्योरेंस सेक्टर, रोजगार आदि से जुड़े देश के मुद्दों पर भी अहम घोषणाएं की जा सकती हैं. अब हम आपको बताने जा रहे हैं साल 2018 के बजट की 8 बड़ी घोषणाओं के बारे में, जिनका इस बजट में ऐलान किया जा सकता है और हर शख्स इसका बेसब्री से इंतजार कर रहा है.

1- मौजूदा टैक्स स्लैब में छूट: आम आदमी को वित्त मंत्री अरुण जेटली से सबसे बड़ी उम्मीद टैक्स की कटौती को लेकर ही है. उम्मीद जताई जा रही है कि इस बजट में केंद्र सरकार आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर सकती है. अगर ऐसा होता है तो आपको 3 लाख रुपये तक की सालाना आय पर टैक्स नहीं देना होगा.

2- सेक्शन 80-C के तहत छूट: टैक्स के मामले में मोदी सरकार से एक उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि इस बार इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80-C के तहत निवेश पर मिलने वाली छूट बढ़ाई जा सकती है. वर्तमान में यह 1.5 लाख रुपये है और सरकार इस बार इसे 2 लाख रुपये कर सकती है. सरकार के इस फैसले का असर आप पर कुछ यूं पड़ेगा कि अगर आपकी सालाना आय 12 लाख रुपये है और इसमें से आप उन स्कीमों में 2 लाख रुपये का निवेश करते हैं, जो सेक्शन 80-C के तहत टैक्स में छूट की हकदार हैं तो आपको सिर्फ 10 लाख की आय पर टैक्स भरना होगा.

3- सस्ती हो सकती हैं कारें: हाल के समय में ऑटो इंडस्ट्री मार्केट काफी तेजी से आगे बढ़ा है. बॉडी सियाम ने सरकार को यह सुझाव दिया है कि सरकार इलेक्ट्र‍िक और हाइब्रिड कारों पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाए ताकि जनता यह कारें खरीदने के लिए प्रोत्साहित हो. कारों की कीमतों को देखते हुए सरकार कारों पर लगने वाले सेस को भी कम कर सकती है. इससे न सिर्फ इलेक्ट्र‍िक कारें सस्ती होंगी बल्कि पेट्रोल और डीजल गाड़ियों पर भी आम आदमी को राहत मिलेगी.

4- जीएसटी टैक्स स्लैब में कटौती: मोदी सरकार इस बजट में जीएसटी टैक्स स्लैब को 2 से 3 दरों तक ही सीमित रखने का फैसला ले सकती है. माना जा रहा है कि बजट में 12 और 18 फीसदी टैक्स स्लैब को एक ही किया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो इस श्रेणी में आने वाले उत्पाद और सेवाएं सस्ती हो जाएंगी.

5- रोजगार की व्यवस्था: माना जा रहा है कि मोदी सरकार इस साल बजट में देश की पहली रोजगार नीति पेश कर सकती है. इस नीति में न सिर्फ रोजगार के नए मौके पैदा किए जाएंगे बल्क‍ि रोजगार प्रदाताओं को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा. अगर यह नीति लागू होती है तो सरकार के इस फैसले से देश में बेरोजगारी की समस्या खत्म होगी.

6- किसानों को राहत मिलने की उम्मीद: इस बजट से किसानों को भी काफी उम्मीदें हैं क्योंकि हाल के कुछ वर्षों में कृषि क्षेत्र की हालत कुछ खास नहीं रही है. देश के बड़े अर्थशास्त्री भी किसानों की खराब दशा पर चिंता जाहिर कर चुके हैं. लिहाजा उम्मीद जताई जा रही है कि मोदी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि क्षेत्र में व्याप्त विषमताओं के निवारण संबंधी ठोस कदम उठा सकती है.

7- इंश्योंरेंस सेक्टर में जीएसटी पर कटौती: इंश्योरेंस को फिलहाल जीएसटी के 18 फीसदी वाले स्लैब में रखा गया है. इंश्योरेंस सेक्टर की दलील है कि इससे इंश्योरेंस कराना काफी महंगा हो गया है. दूसरी ओर यह भी सच है कि भारत में लोग बीमा लेने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं, ऐसे में ग्राहक जीएसटी लागू होने के बाद इंश्योरेंस से और दूरी बनाने लगे हैं. अगर इंश्योरेंस के टैक्स स्लैब में कमी की जाती है तो इसका सीधा फायदा आप तक पहुंचेगा.

8- मेडिकल अलाउंस बढ़ेगा: चिकित्सा सेवा पर होने वाले खर्च में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. मेडिकल के क्षेत्र में फिलहाल छूट 15 हजार रुपये है. ऐसे में सरकार कंपनियों की तरफ से दी जाने वाली मेडिकल अलाउंस पर टैक्स छूट को बढ़ा सकती है. अगर ऐसा होता है तो नौकरीपेशा लोगों को इससे खासा फायदा होगा. दरअसल छूट बढ़ने के साथ ही कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को मेडिकल अलाउंस बढ़ाकर दे सकती हैं.

 

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