नई दिल्ली. केंद्र में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी ने आज अपने कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया. एक तरफ जहां दिन में 11 बजे वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपना 5वां बजट पेश किया वहीं अलग अलग विपक्षी दलों की ओर से इसकी समीक्षा शुरु हो गई है. दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने इस बजट को निराशाजनक बताया. उन्होंने ट्वीट किया कि ‘मुझे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए कुछ वित्तीय सहायता की उम्मीद थी. मेरी आशा के उम्मीद केंद्र सरकार ने दिल्ली के साथ सौतेला व्यवहार किया है.’ 

इसके अलावा उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि ‘केंद्रीय कर में 2001-02 के बाद से दिल्ली के शेयर में एक रुपये का भी इजाफा नहीं किया गया है. यह 325 करोड़ रुपये पर रुका हुआ है। ऐसा व्यवहार भारत में किसी भी राज्य के साथ नहीं किया गया है. केंद्र की भाजपा सरकार दिल्ली के लोगों के साथ द्वितीय श्रेणी के नागरिक की तरह व्यवहार कर रही है.’

बता दें कि इस बार के बजट में वित्त मंत्री ने जहां बुजुर्गों ,किसानों और गरीबों का तो खास ख्याल रखा गया है लेकिन मिडिल क्लास वालों और खासकर नौकरीपेशा वालों को झटका लगा है क्योंकि उन्हें इनकम टैक्स में राहत की उम्मीद थी, लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने टैक्स में कोई छूट नहीं दी है. हालांकि उन्होंने सैलरीड क्लास के मौजूदा टैक्सेबल इनकम में से 40 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन किया है. वहीं इस बार के बजट में 70 लाख नई नौकरियों के सृजन की घोषणा भी की गई है.

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