नई दिल्ली. बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को भाजपा पर भीम आर्मी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी चंद्रशेखर आजाद को 2019 लोकसभा चुनावों में जाति के नाम पर वोटों के विभाजन के लिए चुनाव लड़ा रही है. मायावती ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी ने ही बसपा की जासूसी करने के लिए भीम आर्मी को बनया था. इतना ही नहीं मायावती ने भीम आर्मी के मुखिया चन्द्रशेखर को भीम आर्मी का ऐजेंट भी कहा और कहा की बीजेपी भीम आर्मी की आड़ में अपनी दलित-विरोधी मानसिकता वाली घिनौनी राजनीति को भी अंजाम देती है.

मायावती ने इस संबंध में ट्वीट करके कहा- दलितों का वोट बांटकर बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए ही बीजेपी भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर को वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़वा रही है. बीजेपी ने गुप्तचरी करने के लिए पहले चंद्रशेखर को बीएसपी में भेजने का प्रयास किया लेकिन उनका यह षड्यंत्र विफल रहा.

मायावती ने आगे ट्वीट करते हुए कहा कि अहंकारी, निरंकुश व घोर जातिवादी व साम्प्रदायिक बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिये आपका एक-एक वोट बहुत कीमती है. इसे किसी भी हाल में बर्बाद नहीं होने दे.

मायावती का हमला यहीं नहीं रुका उन्होंने आगे कहा कि भीमराव अम्बेडकर के कारवां को नुकसान पहुंचाने व दलित व ओबीसी विरोधी पार्टियों को फायदा पहुंचाने के लिए ही भीम आर्मी बनी है. बता दें कि भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर उत्तर प्रदेश के सहरानपुर में दलित आंदोलन के समय बड़ा चेहरा बनकर आए थे. इतना ही नहीं वह अब इस लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेगे.

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने बीजेपी को हराने के लिए 38-37 सीटों पर गठबंधन किया है. उत्तर प्रदेश के लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी को सपा-बसपा का गठबंधन टक्कर देने वाला है. जहां बसपा दलितों के वोटों को अपनी तरफ खींचेगा तो वहीं सपा अपने गढ़ में एक बार फिर से मजबूत स्थित के साथ आएगी. दोनों पार्टियों में गेस्ट हाउस कांड के बाद गठबंधन हुआ है लेकिन देखना यह होगा कि यह गठबंधन बीजेपी के विजय रथ को रोक पाएगा या नहीं.

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