नई दिल्ली. राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को अपनी ही पार्टी बीजेपी के लोगों की ओर से विरोध झेलना पड़ रहा है. वसुंधरा के अपने विधानसभा क्षेत्र झालावर में जब उन्होंने आने वाले विधानसभा चुनावों में 180 सीटों पर जीत का दावा किया तब बीजेपी के कार्यकर्ता प्रमोद शर्मा के नेतृत्व में कुछ एक्टिविस्टों ने बाइक रैली निकाली. रैली में उन्होंने हाथ में तख्ती ली हुई थी जिसपर लिखा था ‘वसुंधरा गो बैक’ और ‘वसुंधरा झालावाड़ छोड़ो’ और वे नारे भी लगा रहे थे. 9 अगस्त को क्विट इंडिया मूवमेंट की सालगिराह पर ये रैली निकाली गई.

इस रैली में 1000 की की संख्या में एक्टिविस्ट थे जबकि लगभग 500 मोटरसाइकल इसमें प्रयोग हुईं थीं. ये रैली झालावाड़ के बाजार से होते हुए झलरापटन शहर की ओर गई. ये सभी लोग झालावाड़ में भ्रष्टाचार और विकास की कमी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. इस रैली के आयोजक प्रमोद शर्मा ने कहा कि हमने क्विट इंडिया मूवमेंट की तर्ज पर वसुंधरा क्विट झालावाड़ मोवमेंट शुरु किया है. ऐसा इसलिए क्योंकि वसुंधरा राजे के क्षेत्र की जनता भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुकी है. उनके तीस साल के राज में यहां कोई विकास नहीं हुआ है.

उन्होंने आरोप लगाया कि वसुंधरा को 5 बार सांसद के रूप में चुना गया और झालावाड़ से वे 3 बार विधायक रहीं और अब मुख्यमंत्री के रूप में अपना दूसरा कार्य़काल पूरा कर रही हैं लेकि उन्होंने आम जनता के लिए कभी भी कुछ नहीं किया है.

वहीं जब झालावर नें बीजेपी के अध्यक्ष से इस बारे में बात कि गई तो उन्होंने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि वसुंधरा के काल में काफी काम हुआ है.

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