श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में बीजेपी ने पीडीपी ने गठबंधन वापस ले लिया है. जिसके बाद राज्य में महबूबा मुफ्ती की सरकार गिर गई है. भाजपा की ओर से समर्थन वापस लेने के ऐलान के बाद सीएम महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा भेज दिया है. शाम 4 बजे पीडीपी ने पार्टी के नेताओं की आपात बैठक बुलाई है. दूसरी ओर सोशल मीडिया पर बहुत सारे विपक्षी नेताओं ने भाजपा को निशाने पर लेते हुए इसे अवसरवादी करार दिया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय कपिल सिब्बल ने इसे अवसरवादी करार दिया है.

सिब्बल ने कहा कि पीडीपी के साथ पहले एक अवसरवादी गठबंधन, अब एक अवरसरवादी ब्रेकअप, दोनों ही राजनीतिक विसंगति के काम है. कैसे देश बदलेगा? वही कुछ यूजर्स ने बीजेपी के इस कदम पर कहा कि देर से ही सही लेकिन दुरस्त आए हैं. तो कुछ ने बीजेपी के इस कदम को जम्मू-कश्मीर में अशांति के सारे दोष महबूबा मुफ्ती के सिर मढ़ने की कोशिश करार दिया है. तो कुछ ने इसे 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से भी जोड़कर बीजेपी पर निशाना साधा है.

वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा की सत्ता की भूख ने जम्मू-कश्मीर को आंतक की आग में झोंक दिया. 4 सालों में 373 जवान शहीद, 239 नागरिक मरे. देश को क्या हासिल हुआ. इसे कहते हैं- सब कुछ लुटा के होश में आये तो क्या किया, खुद ही लगा के आग तमाशाई बन गए. आज फिर नया खेल खेलने का नया मुखौटा लगा लिया. आइए देखते हैं जम्मू-कश्मीर में भाजपा और पीडीपी गठबंधन खत्म होने पर क्या कहा है. इसके अलावा आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर बीजेपी पर निशाना साधा है.

जम्मू कश्मीर में गिरी महबूबा मुफ्ती सरकार, राष्ट्रपति शासन के आसार, बीजेपी अध्यक्ष बोले- आतंकियों को ठोकेंगे

2019 के लोकसभा चुनाव में धारा 370 पर बोलने के लिए पीडीपी से गठबंधन तोड़ना बीजेपी की मजबूरी थी

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