काठमांडू. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बिम्सटेक (बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल ऐंड इकॉनमिक को-ऑपरेशन) सम्मेलन को संबोधित किया. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हममें से कोई भी देश ऐसा नहीं है जिसने आतंकवाद और आतंकवाद के नेटवर्क से जुड़े ट्रांस-नेशनल अपराधों और ड्रग्स ट्रैफिकिंग जैसी समस्याओं का सामना न किया हो। पीएम ने कहा कि नशीले पदार्थों से संबंधित विषयों पर हम बिम्सटेक फ्रेमवर्क में एक कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने के लिए तैयार हैं.

पीएम ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भारत अपने नेशनल नॉलेज नेटवर्क को श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान और नेपाल में बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. पीएम ने कहा कि बंगाल की खाड़ी में कला, संस्कृति, सामुद्रिक कानूनों एवं अन्य विषयों पर शोध के लिए हम नालंदा यूनिवर्सिटी में एक Centre for Bay of Bengal Studies की स्थापना भी करेंगे.पीएम ने कहा कि अगस्त 2020 में भारत अंतरराष्ट्रीय बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव की मेजबानी करेगा। पीएम ने कहा, मैं सभी बिम्सटेक सदस्य देशों को इस अवसर पर सम्मानित अतिथि के रूप में भागीदारी का निमंत्रण देता हूं.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय बिम्सटेक सम्मेलन में शामिल होने के लिए गुरुवार को काठमांडू पहुंचे थे. काठमांडू रवाना होने से पहले मोदी ने बुधवार को कहा था कि इस कार्यक्रम में उनकी भागीदारी भारत की प्राथमिकता का प्रतीक है जो दक्षिणपूर्व एशिया में भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को गहरा बनाने के लिए है.

मोदी ने कहा, “शिखर सम्मेलन के दौरान, हमारे क्षेत्रीय सहयोग को और अधिक समृद्ध बनाने, हमारे व्यापार संबंधों को बढ़ाने और बंगाल क्षेत्र की खाड़ी को समृद्ध व शांतिपूर्ण बनाने के हमारे सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए मैं बिम्सटेक (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर सेक्टोरल टेक्नीकल एंड इकॉनोमिक को-ऑपरेशन) के सभी नेताओं के साथ वार्ता करूंगा.” बिम्सटेक 6 जून 1997 को बैंकॉक घोषणा के माध्यम से अस्तित्व में आया था. बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड जैसे सात देश इसके सदस्य हैं.

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