नई दिल्ली. गृह मंत्रालय की सिफारिश के बाद दिल्ली सरकार ने उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की सलाहकार अतिशी मरलेना सहित नौ सलाहकारों की नियुक्तियां रद कर दी हैं. गृह मंत्रालय ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि ये पद ‘आवंटित नहीं किए गए थे. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि जिन पदों पर नियुक्तियां हुई हैं, वह मंत्रियों और मुख्यमंत्री के स्टाफ के लिए नियुक्त होने वाले पदों की सूची में नहीं हैं.

दिल्ली सरकार के सामान्य विभाग द्वारा जारी किए गए गृह मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि इन पदों को सृजित करने के लिए केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की स्वीकृति नहीं ली गई. हालांकि दिल्ली सरकार ने नियुक्तियों से पूर्व स्वीकृति नहीं लेने की बात से इंकार किया गया है. उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मोदी सरकार के इस फैसले को दिल्ली की सुधरती शिक्षा व्यवस्था को खराब करने वाला बताया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी हमारी सरकार के कामों को रोकना चाहती है.

मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि मोदी जी और उनकी पार्टी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को बेड़ा गर्क करने का ठेका लिया हुआ है. हमारी सरकार शिक्षा को और बेहतर तरीके से बच्चों तक पंहुचा रही है, ये इसलिए परेशान हैं. इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता राघव चड्ढा ने एक पत्र को सबूत के तौर पर ट्वीट किया है. इसमें उन्होंने लिखा है कि उन्हें कैसे हटाया जा सकता है जबकि वो हैं ही नहीं. आप प्रवक्ता द्वारा पोस्ट किए गए पत्र के मुताबिक, वित्त मंत्री के सलाहकार के तौर पर चड्ढा की नियुक्ति 15 जनवरी 2016 से लेकर 31 मार्च 2016 तक हुई थी. 

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