भोपाल. भोपाल हॉस्टल रेप केस में नए तथ्य सामने आए हैं. जहां खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी अश्विनी शर्मा को पिछले दो साल से मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार से 6 लाख रुपये अनुदान के तौर पर मिला है. भोपाल का यह मूक-बधिर छात्राओं का छात्रावास राज्य सरकार से सबद्ध था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अभी तक पंजीकरण के डॉक्यूमेंट्स मिल नहीं पाए हैं. वहीं प्रदेश में कांग्रेस ने राज्य सरकार यानी भाजपा को आड़े हाथ लिया और उन्होंने भी दावा किया है कि सरकार की ओर से इस हॉस्टल को आर्थिक मदद मिल रही थी.

स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम की जांच में हुए खुलासे में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अश्विनी शर्मा को छात्रावास के अनुदान के लिए राज्य सरकार से 2016 में 50 हजार, 2017 में 5.57 लाख रुपये मिले थे. यह अनुदान अयोध्या बाइपास पर बने लड़को के हॉस्टल के नाम पर मिला था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आरोपी ने इस हॉस्टल के अलावा दो और छात्रावास खुले थे, इन्हीं में से एक गर्ल्स हॉस्टल के लिए भी इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर सरकार से मदद मिल रही थी, इस मामले में पुलिस जांच कर रही है.

पुलिस के मुताबिक, कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन करने वाले आरोपी अश्विनी शर्मा ने 2008 में आईटी कारोबार में भारी नुकसान हुआ. जिसके बाद आरोपी ने किराने की दुकान शुरू की जहां वह छात्रों के संपर्क में आया यही वह समय था जब उसे छात्रों के लिए हॉस्टल खोलने का विचार आया. वहीं दूसरी और राज्य सरकार से अनुदान मिलने का आरोप कांग्रेस भी लगा चुकी है. कांग्रेस ने सभी हॉस्टलों का सोशल ऑडिट कराने की मांग भी की है. साथ ही कांग्रेस ने कांग्रेस ने मोर्चा खोलते हुए सामाजिक न्याय मंत्री गोपाल भार्गव का इस्तीफा मांगा है. वहीं मंत्री का कहना है कि वह इस अनुदान को को सीधे छात्रों को देता था इस मामले में हॉस्टल का कोई लेना देना नहीं है.

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